जानिए उत्तराखंड के किस गांव में है तीन शमशान

हरिद्वार(प्रशांत शास्त्री)।

जिले में रुड़की के तांशीपुर में जातिवाद का बोलबाला इतना अधिक है कि मंदिर तो दूर की बात शमशान भी तीन बने हुए है। जिसमे सामान्य जाती का अलग, हरिजन का अलग और बाल्मीकि का अलग शमशान बना हुआ है। गांव वासियो का कहना है कि ये प्रथा सालो साल से चली आ रही है। इससे किसी को कोई विरोध भी नही है। जिले में तांशीपुर पहला गांव है। जहाँ जातिवाद इतना अधिक है कि वो मारने के बाद भी पीछा नही छोड़ रहा है। जबकि धर्मनगरी के सबसे बड़े शमशानघाट कनखल में भी शमशानघाट सब के लिए एक ही है। शमशान में दाहसंस्कार कराने वाला महाब्राह्मण भी किसी से भी ऊंच नीच की भावना से काम नही करते है। लेकिन सदियो से चली आ रही कुप्रथा के चलते गांव में जातिवाद का ज़हर अपने पाव पसारे है।