पिता के इलाज के लिए 6 साल की बच्ची ने PM को लिखी चिट्ठी, पसीजे CM योगी ने इलाज का दिया आदेश

लखनऊ/सहरानपुर(व्यूरो)।

सहारनपुर जिले के गंगोह ब्लाक के अलीपुरा गांव निवासी अरुण सड़क दुर्घटना का शिकार होने की वजह से पिछले एक साल से कोमा में हैं। उनकी छह साल की बच्ची ईशु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने पिता के उपचार की गुहार लगाई है। पीएम मोदी से मदद की उम्मीद में लिखे गए बेहद मार्मिक पत्र में बच्ची ने बताया कि उनके सारे रुपये पिता के इलाज में खर्च हो चुके हैं।अब वह उपचार कराना तो दूर दाने-दाने को मोहताज हैं।

इस बच्ची के पत्र को पढ़ने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर के जिलाधिकारी को अरुण के उपचार की अविलंब व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।गंगोह ब्लाक के अलीपुरा निवासी अरुण फोटोग्राफर का काम करते थे। करीब एक साल पहले वह थाना मिर्जापुर के एक गांव में फोटोग्राफी कर बाइक से वापस लौट रहे थे. इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्राली ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें उनको गंभीर चोटे आई और वह कोमा में चले गए।

परिवार में इकलौते कमाने वाले थे अरुण
अरुण परिवार में इकलौता कमाने वाले शख्स थे. दुर्घटना से 15 दिन पहले ही उनकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया था। बेटी ईशु उस समय पांच साल की थी।अरुण के पिता और भाई मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते है। एक बहन है, जिसकी अभी तक शादी नहीं हुई है। मकान की हालत यह है कि छत कब गिर जाये, कुछ नहीं कह सकते। दुर्घटना के बाद अरुण की पत्नी ने जगाधरी में उनका उपचार कराया, लेकिन गंभीर हालत के चलते उनको वहां से पीजीआई चंडीगढ रेफर कर दिया गया।

पैसा खत्म हुआ, तो अरुण को अस्पताल से ले आए घर

करीब एक साल तक उपचार कराने के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी सारी जमा पूंजी भी खत्म हो चुकी है। इसके बाद वह अरुण को घर ले आईं। अरुण की बेटी ईशु से अपने पिता की हालत और माता की बेबसी देखी नहीं गई।उसने परिवार की बेहद खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने पिता का उपचार कराने का आग्रह किया है. उसे पूरा विश्वास है कि पीएम मोदी उसके पत्र का संज्ञान लेकर उनकी मदद अवश्य करेंगे।

मां ने कहा- बेटी ईशु ने लिखी PM मोदी को चिट्ठी

मामले में जब ईशु की मां प्रियंका से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उनको सडक दुर्घटना में चोट लग गयी थी। हमारे पास इलाज कराने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन फिर भी करा रहे हैं। पर इतना बड़ा इलाज है कि अब हमारे पास पैसे नहीं हैं. हां मेरी बेटी ने चिट्ठी लिखी है। वो पडोसी के घर टीवी देखने गयी थी। वंहा पर उसने पीएम मोदी को देखा था। फिर कहने लगी कि पीएम मोदी इलाज करायेंगे। इसके बाद उसने एक चिट्ठी उनके नाम लिखी थी।