महिला अस्पताल के वरिष्ठ लिपिक को 3 वर्ष का कारावास व  20,000 जुर्माना

हरिद्वार(विकास कुमार)।

धोखाधड़ी पर गबन के आरोपी अस्पताल के वरिष्ठ लिपिक को कोर्ट ने दोषी पाते हुए 3 वर्ष के कारावास व  20,000 जुर्माने की सजा सुनाई अभियोजन अधिकारी सुमति जखमोला ने बताया कि वादिनी चैनराय महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी मीरा रस्तोगी  ने अस्पताल के वरिष्ठ लिपिक प्रदीप कुमार सक्सेना पुत्र हरचरण लाल सक्सेना निवासी हरिराम आश्रम कनखल के खिलाफ आरोप लगाया था कि उन्होंने अस्पताल में कार्य पर रहते हुए गीता मघवाल के वेतन की धनराशि को अपने खाते में जमा कर लिया था। तथा इसके अलावा उनके द्वारा अन्य कर्मचारियों के वेतन में भी गड़बड़ी की तथा हॉस्पिटल में लगे जनरेटर ,रोगी वाहन के हिसाब मैं भी हेराफेरी की थी । उनके द्वारा  गुप्ता इंटरप्राइजेज,शिव फार्मा का भी पैसा नहीं दिया गया। हॉस्पिटल  अधीक्षक ने आरोप लगाया कि आरोपी लिपिक अलग-अलग मद  में कुल द्वारा कुल 1,20,000 हजार रुपए के गबन करने का आरोप लगाया था पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर धोखाधड़ी जालसाजी धन का गबन आदि मामलों में प्रदीप कुमार सक्सेना के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए दोनों पक्षों की बहस को सुनने व साक्ष्यो पर गौर करने के बाद  द्वितीय अपर सीविल जज वरिष्ठ प्रभार/ न्यायिक मजिस्ट्रेट  ज्योति बाला ने  प्रदीप कुमार सक्सेना  को दोषी पाते हुए 3 वर्ष के कारावास और 20000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई जुर्माना अदा न करने पर 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।