जांच की अपील वाली याचिका खुद सुनेंगे CJI!

नई दिल्ली।
सीबीआई के स्पेशल जज बीएच लोया की मौत की जांच के मामले की सुनवाई करने वाली बेंच बदल गई है। अब सीजेआई दीपक मिश्रा खुद जज बृजगोपाल लोया की संदिग्ध मौत की जांच कराए जाने की अपील सुनेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के मुकदमों की फेहरिस्त में सोमवार को चीफ जस्टिस की बेंच के सामने 45 नम्बर के मुकदमे की सुनवाई होगी जो कि जज लोया की मौत की जांच से जुड़ा है. ये मामला तहसीन पूनावाला बनाम भारत सरकार का है।

ये मामला सुप्रीम कोर्ट के चार जजों के प्रेस कॉन्फ्रेंस से एक बार फिर सुर्खियों में आया. जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर की अगुआई में सुप्रीम कोर्ट में चार जजों के असन्तोष की एक वजह इस केस को जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच को सौंपा जाना भी था।

वैसे चारों असंतुष्ट जजों की ये भी शिकायत है कि सीजेआई सभी महत्वपूर्ण मुकदमे अपनी बेंच के आगे मंगाकर खुद ही सुन लेते हैं. यानी मास्टर ऑफ रोस्टर होने का फायदा उठाते हैं. ऐसे में राष्ट्रीय महत्व या देश की आम जनता पर असर डालने वाले मुकदमे दूसरे सीनियर जज़ों की बेंच को सुनने और उस पर फैसला देने का मौका ही नहीं मिलता।

पिछले मंगलवार को अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने भी आजतक से हुई बातचीत के दौरान बेंच बदले जाने की तस्दीक की थी. क्योंकि जस्टिस अरुण मिश्रा ने अपने आदेश में महाराष्ट्र सरकार से इस मामले से जुड़े गोपनीय दस्तावेज़ समुचित बेंच के सामने रखने की बात कही थी।

बेंच में बदलाव के संकेत तो वहीं मिल गए थे. तस्दीक अटॉर्नी जनरल ने भी कर दी. अब सुप्रीम कोर्ट की सोमवार की कॉज लिस्ट से तो सब कुछ साफ हो गया. लेकिन, अब सोमवार को ये देखना दिलचस्प होगा कि सीजेआई की बेंच इसे खुद ही सुनती है या फिर किसी और बेंच के पास भेजती है।