सिडकुल फैक्टरी में भीषण आग से करोड़ों का नुकसान

एक दर्जन दमकल गाडिय़ां आग बुझाने में लगी

हरिद्वार ।


सिडकुल क्षेत्र में प्लास्टिक के उपकरण बनाने वाली फैक्टरी में भीषण आग लगने से करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया। दमकल विभाग की एक दर्जन वाहनों की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग लगने के कारणों का पता नहंी चल पाया। आग इतनी भयंकर लगी कि कई किलोमीटर दूर से आसमान में काला धुआं दिखाई पड़ रहा था। दमकल कर्मियों को आग को बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग लगने के सही कारणों का पता नहंी चल पाया। दमकल विभाग जांच करेगा। घटना के समय फैक्टरी में काम हो रहा था। ऋषिकेश, रायवाला व रुडक़ी से दमकल वाहन मंगवाए गए।
सिडकुल स्थित रोशनाबाद कोर्ट के पास प्लास्टिक उपकरण बनाने वाली फैक्टरी ऑटोमेट इर्रिगेशन में सायं करीब पौने सात बजे प्लांट परिसर में एक साइड से धुआं निकलना शुरु हुआ। फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारियों ने धुआं निकलने पर पहुंचे तो वहां आग की लपटें निकल रही थी। कर्मचारियों ने आग का बुझाने का प्रयास किया पर कुछ ही पल में आग ने आसपास के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग की घटना से फैक्टरी में अफरातफरी का माहौल बन गया। कर्मचारी फैक्टरी से बाहर निकल कर भागने लगे। मामले की जानकारी फायर ब्रिगेड को दी गयी। आग की लपटें देख कर आसपास की फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारी भी बाहर आ गई। आग ने इतना विकराल रुप ले लिया था कि कई किलोमीटर दूर से उसकी लपटें व धुआं दिखाई दे रहा था। जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ एकत्र हो गयी। फायर ब्रिगेड कर्मियों के पहुंचने तक आग ने विकराल रुप ले लिया था। सिडकुल फायर स्टेशन से दो गाडि$यां पहुंची स्थिति काबू में न होते देख कर मायापुर फायर स्टेशन से तीन गाडिय़ां मंगवायी गयी। एक फायर गाड़ी बीएचईएल से मंगायी गयी। आग पर काबू न होने पर ऋषिकेश, रायवाला व रुडक़ी से दमकल की गाडिय़ां बुलायी गयी। कई गाडि$यां पानी से खाली होने के बाद भरने भेजी जा रही थी। एक दर्जन दमकल गाडिय़ों की मदद से फैक्टरी में लगी आग को बुझाने में जुटे रहे। फायर कर्मियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। सिडकुल थाने से पुुलिस कर्मियों ने पहुंच कर हजारों की भीड़ को नियंत्रण किया।
मायापुर फायर स्टेशन प्रभारी धानीराम किलवाल ने बताया कि आग के लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया, फिलहाल तो आग को बुझाने में लगे रहे। आग बुझने के बाद आग लगने की वजह पता लगाया जाएगा। आग लगने से करोड़ रुपए का नुकसान आंका जा रहा है। सही आंकलन तो बाद में पता चल पाएगा। फैक्टरी में प्लास्टिक का सामान के अलावा कैमिकल्स होने की वजह आग बुझने के नाम नहंी ले रही थी।