एन डी तिवारी की अस्थियां गंगा में विसर्जित, नही पहुचे उनके प्रेमी

हरिद्वार।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की अस्थियां सोमवार को कनखल स्थित सतीघाट में विधि-विधान के साथ गंगा में विसर्जित की गई। नारायणदत्त तिवारी का अस्थि कलश सोमवार सुबह उनके पुत्र रोहित और पत्नी उज्जवला शर्मा व अन्य परिजन हरिद्वार लेकर पहुंचे थे। तिवारी के तीर्थपुरोहित संदीप भगत ने तिवारी के अस्थि विसर्जन का कर्मकाण्ड संपन्न कराया। पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धाजंली देने काफी संख्या में स्थानीय लोगों ने सती घाट पहुंच तिवारी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
धर्मनगरी के जिन कांग्रेसी नेताओं को नारायणदत्त तिवारी ने मुख्यमंत्री रहते उत्तराखंड में बडे-बडे पदों और लाल बत्तियों से नवाजा था। पार्टी से टिकट देकर जिताया था। उनमें से कोई भी नेता हरिद्वार में रहते हुए भी तिवारी के अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। इन नेताओं ने तिवारी के अस्थि विसर्जन कार्यक्रम से दूरी बनाये रखी।
जब तिवारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे। तब ये नेता रात-दिन तिवारी की परिक्रमा करने से नहीं अघाते थे। हरिद्वार में तिवारी ने इन नेताओं में से अधिकतर को बड़े पदों से नवाजा था। जिनमे उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय का कुलपति तथा उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का उपाध्यक दर्जाधारी राज्यमंत्री, हरिद्वार नगरपालिका अध्यक्ष, महिला आयोग का अध्यक्ष, कांग्रेस के कई नेताओं को दर्जाधारी राज्यमंत्री बनाकर उनकी राजनीतिक साख बढाई थी। परंतु इनमें से कांग्रेस का कोई भी नेता तिवारी के अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। हरिद्वार के मौजूदा विधायक एवं शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक तथा हरिद्वार से सांसद रमेश पोखरियाल निशंक दोनों के हरिद्वार में होने के बावजूद किसी ने अस्थि विसर्जन स्थल पर आने की जरूरत नहीं समझी।