14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या का मुख्य आरोपी

बुलंदशहर । बुलंदशहर के स्याना में गौकशी के शक में भड़की हिंसा के कारण इंस्पेक्टर सुबोध की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए प्रशांत नट को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। यूपी पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में प्रशांत नट को शाम को कोर्ट के सामने पेश किया। यहां से कोर्ट ने सीधे प्रशांत नट को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस का आरोप है कि प्रशांत नट ने ही इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली मारी दी। प्रशांत के साथी कलवा ने इंस्पेक्टर के हाथ और सिर में कुल्हाड़ी से वार किए। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के कत्ल का चश्मदीद गवाह बने चाय वाले मुकेश ने बताया कि कोतवाल साहब मुझे जानते थे। पुलिस चौकी के सामने कोतवाल साहब की ठोड़ी फूट चुकी थी। वहां पर रेत का ट्राला खड़ा हुआ था। कोतवाल साहब ट्राले के पास आए थे। मैं भी ट्राले की औट में खड़ा था। चारों ओर से पथराव चल रहा था। वह कोतवाल साहब को अपने गांव की तरफ ले जा रहा था तभी सुमित ने रोड़ा मारा। रोड़ा कोतवाल साहब को लगा।
कोतवाल साहब को मैं अपने गांव की ओर ला रहा था। सुमित सबसे आगे पथराव कर रहा था, सुमित को किसी ने गोली मार दी। सुमित मौके पर वहीं गिर गया। दीवार के पीछे से प्रशांत आया और उसने कोतवाल साहब को पीछे से गोली मार दी। जिसके बाद भीड़ ने कोतवाल साहब को पत्थर और लठों से मारना शुरू कर दिया। मारने के बाद जब कोतवाल साहब नीचे गिर गए तो प्रशांत ने पिस्टल छीनी और कोतवाल साहब को गोली मार दी। प्रशांत ने उसके सामने पिस्टल छीनी थी और वहीं गिरा दी। फिर मैं अपने गांव चला गया। मुकेश घटना स्थल के पास चाय की दुकान चलाता है। एक ओर जहां प्रशांत नट के गिरफ्तार होने पर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है वहीं प्रशांत नट के परिजनों ने पुलिस की थ्यूरी को नकारते हुए प्रशांत को बेकसूर बताया है। प्रशांत के बड़े भाई मूलचंद का कहना है कि पुलिस झूठ बोल रही है। प्रशांत ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली नहीं मारी, बल्कि प्रशांत नट को एक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है, तथा पुलिस जिन लोगों ने षड्यंत्र रचा उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। बल्कि गरीबों को पकड़कर जेल भेज रही है। परिजनों ने प्रशांत की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए। मूलचंद के अनुसार प्रशांत के ससुर ने 25 दिसंबर को प्रशांत को ग्रेटर नोएडा में पुलिस को सौंपा था। वहीं प्रशांत के पिता सुरेंद्र का कहना है कि प्रशांत का कोई क्राइम रिकार्ड नहीं है।