शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के गढ़ अतरौली में परीक्षा केंद्र बने तबेले देख जांच टीम दंग

अलीगढ़ । शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के गृह क्षेत्र अतरौली में ही तबेले में तब्दील एक यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र की दशा देखकर सोमवार को जांच करने पहुंची टीम भी सन्न रह गई। धूल व गंदगी का अंबार था यहां। टीम प्रभारी व जीजीआइसी की प्रिंसिपल बरबस ही बोल पड़प, ‘यहां का हाल देखकर यही लगता है कि एक भी दिन शायद ही पढ़ाई हुई हो। जांच टीम पहुंचने की खबर पर आए स्कूल संचालक के छोटे भाई ने कुछ गंदगी साफ कराई। कुर्सियां भी डलवाइऔ। मंत्री के इलाके में ऐसे इंतजाम से सन्न लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या अतरौलिया बोर्ड का माफिया परीक्षा से पहले ही पास हो गया?
विभाग में मची खलबली
‘समाचार पत्रों में असलियत दिखाने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली है। अब जिलेभर के परीक्षा केंद्रों की जांच के लिए 23 टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें न सिर्फ सभी सुविधाओं की जांच करेंगी, बल्कि यह भी देखेंगी कि हर कमरे के दोनों सीसीटीवी कैमरे व वॉइस रिकॉर्डर ठीक से काम कर रहा है कि नहप। रविवार के अंक में दैनिक जागरण ने अतरौली इलाके के एक परीक्षा केंद्र की असलियत पेश की थी। शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह अतरौली इलाके की ही विधानसभा में नुमाइंदगी करते हैं।
टीम को मिला धूल और गंदगी का गुबार
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) ने इसकी जांच के लिए जीजीआइसी मेमदपुर की प्रधानाचार्य हर्षिता यादव की अगुवाई में टीम गठित की थी। यह टीम सोमवार को स्कूल पहुंची। यहां ताला बंद था। खुलवाने पर अंदर धूल और गंदगी का गुबार मिला। प्रधानाचार्य के मुताबिक, स्कूल का हाल देखकर ऐसा लगा कि यह काफी समय से बंद है। शायद ही कभी पढ़ाई हुई हो। टीम के आने पर स्कूल संचालक का छोटा भाई आया और तबेला बनी तमाम चीजों की सफाई शुरू करा दी। कुछ कुर्सियां भी लगवा दप। स्कूल की साफ-सफाई का आश्वासन भी दिया। प्रधानाचार्य ने कहा जो हाल मिला है, उसकी जांच रिपोर्ट डीआइओएस को देंगे।
डीआइओएस करेंगे निरीक्षण
डीआइओएस डॉ. धर्म़ेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि रिपोर्ट के बाद खुद भी निरीक्षण करेंगे। केंद्र बनने के बाद गंदगी व जानवर बांधने के हालात को दुरुस्त कराने के लिए जिले में 23 टीमें गठित की गई हैं। ये ऐसे सभी कॉलेजों का निरीक्षण करेंगी। यही नहप, परीक्षा केंद्रों के हर कक्ष में दो सीसीटीवी कैमरे व एक वॉइस रिकॉर्डर की भी जांच होगी। टीमों को 10 दिन के अंदर जांच आख्या देने को कहा गया है।