साइबर लुटेरे बन सकते है आप के बिछड़े दोस्त

हरिद्वार।
आधुनिक समय में साइबर क्राइम के जरिए कभी भी किसी के साथ भी ठगी की घटना घट सकती है। भले ही आप कितने ही सतर्क और सावधानी बरतें, फिर भी आपके साथ कब ठगी हो जाए आप सोच भी नहीं सकते। इस बात की जानकारी तब लगती है। जब आपके अकाउंट से बड़ी धनराशि गायब हो जाती है। अभी तक इस तरीके की ठगी एटीएम और पेंशन धारियों के साथ हो रही थी लेकिन अब साइबर क्राइम वाले नए नए फांडे आजमा रहे है। यह कोई सोच भी नही सकता।
साइबर क्राइम करने वाले आपको सीधे फोन करके आपसे इस तरह से बात करते हैं जैसे आप के किसी वर्षो पुराने बिछड़े दोस्त ने फोन किया हो।
ऐसा ही एक वाक्य आज हमारे युवा साथी अमित के साथ हुआ उसे एक अननोन नंबर से फोन आया और उसने सीधे उसका नाम लेकर उससे बात की और बड़े प्यार से हाल-चाल भी पूछे और परिवार के भी हाल-चाल पूछे। उसके बाद उसने कहा क्या मुझे पहचाना नहीं ,उसने कहा नहीं पहचाना। नया नम्बर है लेकिन आवाज तो पुरानी है। यह सुनाते ही अमित ने कहा आवाज तो जानी-पहचानी लग रही है ,लेकिन पता नही लग रहा ,आप कौन। इतना सुनते ही फरोड़ी ने कहा हा भाई अब कहा पहचानोगे, अपने पन से बात कर रहे फरोड़ी कि बात सुन अमित ने अपने एक पुराने मित्र का नाम लिया। जिसे हँसते हुए उसने स्वीकार करते हुए कहा कि भाई एक दिक्कत आ गई है ,मेरे कही से पैसे आने थे, मेरा फोन-पे नही चल रहा ,मैं तेरे नम्बर पर मांगा लू। अमित ने स्वीकृति दे दी। जिसके बाद उसने पूछा तेरा नेट तो चल रहा होगा, मैं लाइन पर हूँ तू फोन-पे खोल ले। इतना सुनते ही उसे अचानक ध्यान आया कि कहीं उसके साथ कोई ठगी तो नहीं हो रही, क्योंकि ना तो फोन नंबर उसके पास फीड था और ना ही वह उसे अच्छे से पहचान रहा था। अमित ने बात डालते हुए कहा कि अभी कॉल चल रही है इसलिए नेट काम नही कर रहा। तो उसने कहा ऐसी कोई बात नहीं है। यह बताओ तुम्हारे अकाउंट में कितना बैलेंस है क्योंकि मुझे और बैलेंस डलवाना है तो हमारे साथी ने उसे बताया कि मेरे पास महज डेढ़ ₹100 ही बचे है। ये सुनते ही साइबर चोर को झटका सा लगा और उसने फोन काट दिया। बाद में ट्रूकॉलर पर चेक किया तो उसमें लिखा आया फ्रॉड बैंक।। इससे हम आपको बताना चाहते हैं कि साइबर क्राइम की कोई भी सीमा नहीं है। साइबर क्राइम करने वाले आपसे कभी भी किसी भी रूप में ठगी कर सकते हैं। आपको इस तरह की ठगी के शिकार होने से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें और अपने ओटीपी नंबर ,अपना अकाउंट नंबर, अपना पेटीएम अकाउंट, कभी किसी को ना बताएं समझदारी से ही हम साइबर लूट से बच सकते हैं। यह जानकारी जब सीओ अभय प्रताप सिंह को दी गई तो उन्होंने बताया कि हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अननोन नंबर से आने वाली कॉल जो आपको यह कहे कि मैं तुम्हारा दोस्त बोल रहा हूं पहचाना नहीं तो बिना किसी झिझक के आप सर्वप्रथम उससे उसकी पूरी जानकारी लें यदि वह आपका दोस्त होगा तो वह आपसे इस तरह से पैसे नहीं मांगेगा वह सीधे आपसे मिलने की कोशिश करेगा या फिर उन्हीं लोगों के साथ मोबाइल से पैसे का लेन देन करें जिनसे आप हमेशा करते आए हो वह आप के विश्वास पात्र हो हम सावधानी से ही साइबर क्राइम से ठगी होने से बच सकते हैं। और इस तरीके की जानकारी जो आपके पास फोन आए हो पुलिस से भी साझा करें।