प्राइवेट अस्पताल में लगे रेट लिस्ट : डॉ नैथानी

हरिद्वार।
बेबस भाई की गुहार पर प्राइवेट चिकित्सालय पहुंची सीएमओ ने मरीज को रेफर करा कर जौलीग्रांट भेजा। तत्पश्चात डॉक्टर द्वारा दिए गए इलाज की जांच की। वही चिकित्सालय के अंदर रेट लिस्ट लगाने के भी निर्देश दिए।
शुक्रवार रात को एक बीमार युवक के भाई ने व्हाट्सएप ग्रुप्स में अपने भाई की जान बचाने और डॉक्टर द्वारा 24 घंटे के अंदर बेतहाशा बिल बढ़ाने से परेशान होकर व्हाट्सएप ग्रुप में गुहार लगाई जिसे एक पत्रकार द्वारा प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप में सेंड कर दिया। गया उसी का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पूरे मामले की स्वयं जानकारी लेने की बात कही। इसके बाद युवक के भाई द्वारा सीएमओ से भी फोन पर बात की गई तो उन्होंने शनिवार सुबह अस्पताल आकर स्वयं निरीक्षण करने की बात कही और शनिवार सुबह मुख्य चिकित्सा अधिकारी सरोज नैथानी लक्सर रोड स्थित उस अस्पताल में पहुंच गई। जहां उन्होंने बीमार युवक का हाल जाना साथ ही उन्होंने डॉक्टर से भी बातचीत की और उनके द्वारा किए गए इलाज और दवाइयों की भी पूरी जानकारी जुटाई। जिसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने युवक को जौलीग्रांट के डॉक्टरों से फोन पर बात कर वहां के लिए रेफर कर दिया और एंबुलेंस बुलाकर बीमार युवक और उसके परिजनों को जौलीग्रांट भेज दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 15 दिन पहले सभी प्राइवेट संस्थानों को अपने यहां सेवाओं से संबंधित लिस्ट लगाने के आदेश जारी किए गए थे। बावजूद उसके किसी भी अस्पताल में लिस्ट नहीं लगाई गई है। सीएमओ डॉक्टर नैथानी ने बताया कि मरीज भी ग्राहक की तरह ही होता है। जब हम किसी होटल या शॉपिंग मॉल में जाते हैं, तो हर चीज का निर्धारित रेट वहां पर सामने लिस्ट में दिया जाता है। अस्पताल के अंदर भी ऐसी ही रेट लिस्ट लगनी चाहिए। जिससे किसी भी मरीज या उसके परिजनों को ऐसा ना लगे कि उनके साथ धोखा किया जा रहा है।