आदित्य शर्मा
हरिद्वार।
टाईगर रिजर्व की चीला रेंज के जंगल से नीलधारा ( गंगा) के रास्ते आते तस्कर हाथी को देख वन विभाग के छुटे पसीने ।
सुबह से ही सिर दर्द बने तस्कर हाथी को चीला के जंगल मे भगाने की कोशिशें चलती रही लेकिन हाथी भी आबादी की ओर आने को तैयार रहा ।
राजा जी टाईगर रिजर्व ओर वन प्रभाग हरिद्वार इस रेस्क्यू में शामिल थे।
रात करीब 8 बजे हाथी को श्रद्धा नंद घाट से आगे बिजली घर के समीप ढोकर नम्बर 1 के समीप जब हाथी चीला से गंगा के रारते हरिद्वार आबादी की तरफ आया तो उसे गंगा के किनारे , ट्रंकूलाईजर कर बेहोश किया गया बेहोश होने के बाद देखा कि वह काफी घायल अवस्था मे था अनुमान लगाया जा रहा है कि आपसी संघर्ष में हाथी घायल हुआ है पीछे पूंछ के पास घाव , व नाभि के पास ( लिंग) के पास काफी बड़े घाव हैं डॉक्टरों की टीम ओर रेस्क्यू के सारे साधन पहले से ही  उपलब्ध कराए गए लेकिन थोड़ी साँसे लेने के बाद काफी घाव व रक्त बहने से उसकी मृत्यु हो गई ।
उसकी उम्र 22 वर्ष बताई जा रही हैं ।
मोके पर राजाजी के डायरेक्टर अमित वर्मा , वनप्रभाग डी0 एफ0 ओ0 नीरज शर्मा , वन्यजीव प्रतिपालक चीला एलपी टम्टा, रेंजर दिनेश नोडियाल, राजाजी के रेंजर विजय सैनी ,रेंजर अनिल पैन्यूलीन,  वन दरोगा में ओपी सिंह, मेघपाल , व अन्य अधिकारी व कर्मचारियो के साथ डॉक्टरों की टीम भी शामिल रही। डायरेक्टर द्वारा अफसोस जताया गया हैं कि ये बेहद दुखद पूर्ण घटना हैं घाव को देखने से पता चलता हैं कि ये संघर्ष के घाव कल परसो के हैं । इस कारण घाव ज्यादा व  रक्त रिसाव अत्यधिक  होने के कारण म्रत्यु हुई हैं। सुबह पोस्टमार्टम कर शव को दफनाया जाएगा।
https://youtu.be/KmZkhUG5Gto
आदित्य शर्मा