कैदियों के मानव अधिकार हनन पर आयोग ने किया महानिरीक्षक कारागार को तलब

हरिद्वार।
रोशनाबाद जिला जेल में व्यवस्था से अधिक कैदियों की संख्या होने की वजह से संवैधानिक अधिकार का हनन और कोरोना का खतरा मंडराने की आशंका जताई है। एक सामाजिक संस्था ने राज्य मानवाधिकार आयोग चेयरमैन से जिला जेल की व्यवस्था को लेकर इन अधिकारियों गृह सचिव राज्य सरकार, स्थानीय जिलाधिकारी व जेल अधीक्षक के खिलाफ कैदियों की सुरक्षा के लिए निर्देश व सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर कानूनी कार्यवाही की मांग की।
रुल ऑफ लॉ जस्टिस फाउंडेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने मार्च 2020 को राज्य मानवाधिकार आयोग को भेजी थी शिकायत में बताया कि स्थानीय जिला जेल में 840 कैदियों की व्यवस्था है। लेकिन वर्तमान में करीब 14 सौ कैदी कई मामलों में सजा काट रहे है। शिकायत में बताया कि क्षमता से अधिक कैदी रखने पर जेल की कई मूलभूत सुविधाएं व व्यवस्था गड़बड़ा रही है। जिससे कैदियों की मानसिक विषमता व शारिरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। कैदियों का आए दिन गिरता स्वास्थ्य भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिकों का जीवन के जीने का अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है।
यही नहीं, वर्तमान में केंद्र सरकार और न्यायपालिका ने तेजी से बढ़ रहे नोवल कोरोना वायरस से बचने के लिए भीड़ अथवा समूह में नही रहने के दिशा निर्देश जारी किए हुए है। कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया गया है। दायर शिकायत में बताया कि 840 से अधिक कैदी रखने पर जेल की कई व्यवस्थाएं चिकित्सक,मेडिसिन, अस्पताल बेड, भोजन प्रभावित होने के चलते गम्भीर विषय है। क्षमता से अधिक कैदी एक साथ रहने और कैदियों के मिलने आने वाले रिश्तेदार, परिजनों से एक दूसरे को कोरोना वायरस से प्रभावित होने की संभावना रहती है।लेकिन इन व्यवथाओं का निर्वाह करने का दायित्व सभी अधिकारी पर है।जबकि इन अधिकारियों पर कोई सुचारू कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया है। अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने भेजी शिकायत में बताया था कि जेल में सजा काट रहे कैदियों के सही आचरण को देखते हुए उन्हें पैरोल अथवा उचित धनराशि का बंधपत्र लेकर कोरोना से सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य की देखभाल के लिए घर भेजने पर भी कोई कार्यवाही अमल में नहीं लायी गई है। इस मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग देहरादून ने महानिरीक्षक कारागार को चार हफ्ते में रिकॉर्ड के साथ उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है ।