किसान विरोधी अधीनियम वापस लेने की मांग के साथ दिया धरना

हरिद्वार।
अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा भेल सेक्टर-1 में एमके पंधे हाल में अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन आयोजित किया।
धरने का उद्देश्य केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों का विरोध करना एवं किसानों की समस्याआें का शीघ्र निराकरण करने और किसान विरोधी कानून को वापस लेने की माग की है। उनकी मुख्य मांगों में किसान बंदोबस्ती और सुरक्षा समझौता कृषि सेवा अधिनियम 2२0 के साथ—साथ बाजार में उपयोग की वस्तुआें को मनमाने ढंग से लुटने से बचाने के लिए, आवश्यक वस्तु अधिनियम को संशोधित कर एक तरफ किसान की फसलों की बिक्री के लिए मंडी व्यवस्था जहां न्यूनतम समर्थन मूल्य से बोली आरंभ होकर व्यापारियों द्वारा अधिकतम मूल्य पर किसान की फसल भेजने की व्यवस्था को हटाकर किसान खुले बाजार में व्यापारियों के पास लुटने को बाध्य होना पड$ेगा। जिससे मंडी के तोड$ने से किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिलेगा और किसान की जमीन लूटने का रास्ता साफ होने के साथ—साथ जहां एक और जमीन कोड$ी के भाव में बिकेगी, वही किसान मजदूर व आम आदमी उसी जमीन की उपज को भारी महंगे दामों में खरीदना पड़ेगा। इसलिए उपरोक्त संशोधन द्वारा होने वाली परेशानियों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा 10 जून को देशभर में इनके द्वारा हर गांव में वापस लेने की मांग के साथ अध्यादेश की प्रतियां जलाई जा रही हैं। कानून द्वारा केंद्र सरकार मजदूर किसान आम जनता तथा यहां तक कि राज्य सरकारों के अधिकारों का अलोकतांत्रिक ढंग से अतिक्रमण कर रही है। जिसकी घोर निंदा करते हुए इस अधिनियम को वापस लेने की मांग की है। कार्यक्रम का संचालन आईकेएसके जिला संयोजक कामरेड आरसी धीमान तथा अध्यक्षता कामरेड लालद्दीन ने की। कार्यक्रम में कामरेड संत कुमार, चंडी प्रसाद शर्मा, महेंद्र प्रसाद जखमोला, हरीश चंद्र, आरपी जखमोला, पीडी बलोनी, दिलदार अब्बासी आदि ने भाग लिया।