धोखाधड़ी से रकम लेने वाले विरुद्ध संबंधित धाराआें में मुकदमा दर्ज

हरिद्वार ।
नगर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले मोबाइल कंपनी के सम्पदा अधिकारी से सवा साल पहले परिचित ने साढ़े चौदह लाख रुपए कुछ दिन को उधार मांगे। समय पूरा होने पर रकम का तकाजा किया तो दो चेक दिए जो बाउंस हो गए। धोखाधड़ी से नौ बैंकों के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया। कुछ दिन पहले अपने साथी के साथ घर आया और गाली—गलौच कर रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गयी। पीडि़त पक्ष से पुुलिस ने तहरीर लेकर धोखाधड़ी से रकम लेने वाले व जान से मारने वाले आरोंपित के विरुद्ध संबंधित धाराआें में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नगर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि पंकज सोम पुत्र योगेन्द्र सिंह निवासी मौहल्ला लक्ष्मीनगर सूरज कुण्ड रोड मेरठ उत्तर प्रदेश (हाल कैलाश गली खडख़ड़ी भूपतवाला हरिद्वार) ने तहरीर दी कि अमित शर्मा पुत्र इलम चंद निवासी रामपुरी कोतवाली मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश उसकी बहन—बहनोई के परिचित हैै। दिसम्बर 2१८ को चार दिन के लिए उधार 2 लाख 7५ हजार मांगे थे। 1 लाख 7५ हजार अमित शर्मा के बैंक खाते में डाले गये। उधार ली गयी रकम कुछ समय बाद वापस कर दी। अप्रैल 2१९ में अमित शर्मा ने दो दिन के लिए 14 लाख 5 हजार मांगे। उन्होंने खाते में पैसे न होने की बात कहते हुए रकम देने से इंकार कर दिया। क्रेडिट कार्ड होने की बात कहते हुए उसमें अच्छी खासी लिमिट होने की जानकारी दी। रकम ही बेहद आवश्कता की बात कहते हुए गिडगड$ाने लगा। उस पर विश्वास करते हुए अलग—अलग बैंकों के 9 क्रेडिट कार्ड उसे दे दिए। अमित शर्मा ने इस बात की जानकारी बहन बहनोई समेत किसी अन्य को न देने का भी अनुरोध किया। उसने क्रेडिट कार्ड से मुजफ्फरनगर और दिल्ली में स्वैप कराकर 14 लाख 5 हजार निकाल लिए। डेढ$ माह बाद अपनी मां के साथ घर हरिद्वार पहुंचा और क्रेडिट कार्ड वापस करते हुए दोनों ने भरोसा दिलाया कि उनकी रकम पैनल्टी के साथ एक माह के भीतर लौटा देगा। काफी समय बीतने के बाद भी अमित शर्मा ने रकम वापस नहंी की। इस बात की जानकारी बहन बहनोई को दी गयी। जिन्होंने अमित शर्मा पर पैसे वापस लौटाने के लिए दबाब बनाया। 14 दिसम्बर 19 को एक नोटरी समझौता हुआ जिसमें 3१ दिसम्बर 19 को 2 लाख, 3१ जनवरी 2 से पूर्व15 लाख और बाकी रकम 28 फरवरी 2 तक बैंक पैनल्टी सहित देने की बात कही गयी। अमित शर्मा की आेर से 1—1 लाख के चार चेक एेक्सिस बैंक के दिए। नोटरी समझौते का पालन नहीं किया गया। जिस् ापर उनके द्वारा बैंक में चेक लगाये गए। बैंक ने चेक को यह कहते हुए बांउस कर दिया कि हस्ताक्षर मेल नहीं खा रहे है। 2 फरवरी 2 को अमित शर्मा को फोन किया गया, तो उसने और उसकी पत्नी मोनिका शर्मा ने गाली गलौच करते हुए गोली मारने की धमकी दे डाली। जिसकी जानकारी उन्होंने अपने बहन बहनोई सहित अन्य को दी। अमित शर्मा ने माफी मांग कर 6 फरवरी 2 को सारे पैसे वापस देने का वादा किया। अमित शर्मा अपने वादे से मुकर गया और रकम नहीं लौटायी। इसी बीच 1 जून 2 की दोपहर को वह अपने सहयोगी हर्षित के साथ अपने घर पर कम्पनी के संबंध में विचार विमर्श कर रहे थे। तभी अमित शर्मा अपने साथी यजुवेन्द्र सिंह मान के साथ उसके आवास पर पहुंचा और उसका गिरेबान पकड$ कर गाली गलौच करते हुए मारपीट करते पैसेे मांगने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने पीडि$त की शिकायत पर दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीडि़त मोबाइल कंपनी में सम्पदा अधिकारी के पद पर कार्यरत है।