चिलचिलाती धूप में हरिद्वार तक करनी पडी पैदल यात्रा

हरिद्वार।
रक्षाबंधन मनाने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलो से लौटे उतराखण्ड निवासियो को भारी पडा। प्रदेश में प्रवेश के बाद चिलचिलाती धूप में हरिद्वार तक करनी पडी पैदल यात्रा।
मंगलवार को रक्षाबंधन मनाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से हरिद्वार रुडकी आदि औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोग बहुत बड$ी संख्या में हाईवे पर पैदल ही यात्रा करते हुए जा रहे थे। इसका मुख्य कारण उत्तर प्रदेश की परिवहन निगम की बसें विभिन्न जिलों से लाकर यात्रियों को उत्तर प्रदेश भागूवाला बार्डर पर उतारकर वापस जा रहे है। क्योंकि इससे आगे चिडियापुर बार्डर उत्तराखंड की सीमा में लगता है जहां पर आज आने जाने वाले यात्रियों द्वारा बताया गया कि चिडियापुर बार्डर से हरिद्वार को जानेे के लिए कोई सुविधा नहीं थी। मंगलवार को अत्यधिक भीड नेशनल हाईवे पर चिडियापुर से हरिद्वार 3 किलो मीटर दूर है और पैदल चलने वालो में बडो के साथ छोटे बच्चे भी हाईवे पर चलते दिखे गए। चिडियापुर तक टैक्सी मैक्स टेंपो बड$ी संख्या में आते रहते थे। यहीं से सवारियों को बैठाकर हरिद्वार को चले जाते थे, लेकिन मंगलवार को टेंपो व टैक्सी मैक्स के चालकों ने बताया इस रूट पर परिवहन विभाग द्वारा चेकिंग अभियान चलाया हुआ है। जिसके कारण टैक्सी व टेंपो वाले नगण्य मात्रा में आ जा रहे थे। साथ ही रोडवेज की बस भी चिडियापुर बार्डर पर नहीं थी। जिसके कारण लोगों को हरिद्वार जाने के लिए हाईवे पर पैदल ही अपना सामान लेकर जाते हुए देखा जा रहा था। रामपुर स्योहारा मुरादाबाद के राम सिंह, सुरेंद्र महिपाल उनके परिवार की राधा, बीना, राजवती, दयावती आदि ने बताया भागूवाला बार्डर तक उत्तर प्रदेश परिवहन की बसों द्वारा आराम से आए लेकिन चिडियापुर बार्डर से चिडि$यापुर ढाबो तक हम लोग पैदल ही पहुंचे। लेकिन अभी तक कोई भी वाहन हरिद्वार जाने के लिए नहीं मिला। जबकि उनको बताया गया था कि चिडियापुर बार्डर से हरिद्वार के लिए हर समय उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें मिलती रहती हैं। पैदल चलने के कारण उन्हें व उनके परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। हरिद्वार जाने के लिए कोई वाहन न मिलने के कारण सैकडो लोग चिलचिलाती धूपे में पैदल ही चल रहे थे।