जिलाधिकारी ने ग्रामीणो से सीधा संवाद कर, अधिकारियों को किया निर्देशित

हरिद्वार।
जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर ने लालढांग क्षेत्र में विकास कार्यो तथा वहां के निवासियों की मूलभूत आवश्यकताआें, समस्याआें के समाधान आजिविका अर्जन सम्बंधित विषयों को लेकर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणो से सीधा संवाद कर उनकी जरूरत और समस्यायें पूछी। अधिकांश क्षेत्र वासियों ने जिलाधिकारी के समक्ष जीविकोपार्जन, पेयजल, मनरेगा जॉब कार्ड, आवास, शौचालय तथा राशन कार्ड व आय प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही समस्यायें रखी।
जिलाधिकारी ने लोगों की समस्या को प्रत्यक्ष देख एसडीएम, जिला विकास अधिकारी, तहसीलदार पटवारी से प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को नाम सहित दर्ज करवाया। उन्होंने तहसील अधिकारियों को 3१ अगस्त तक वह सभी प्रमाण पत्र पात्रता के आधार पर बनाकर उपलब्ध करा दिये जाने के निर्देश दिये। जिनके आधार पर विभिन्न योजनाआें पेंशन, खाद्यान, आयुष कार्ड ,आवास योजना आदि का लाभ पात्रों को दिया जा सकता है। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि प्रमाण पत्रों के अभाव में कोई भी व्यक्ति सरकारी योजनाआें के लाभ से वंचित न रहे एेसा सुनिश्चित किया जाये।
डीएम ने महिलाआें को स्वरोजगार के लिए बनाये जाने वाले स्वयं सहायता समूहों के निष्क्रिय पड$े होने पर भी नाराजगी जतायी। उन्होंने शीघ्र एनआरएलएम, सेवायोजन तथा उद्योग विभाग से बनाये गये समूहों को क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर सक्रिय किये जाने के निर्देश दिये। क्षेत्र की एनजीआे कार्यकर्ता श्रुति ने यहां के बेरोजगार लोगों की आजिविका के लिए क्षेत्र के प्राकृति संसाधनों से ही विभागों की मदद से ग्रोथ सेंटर विकसित किये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने इस क्षेत्र की विशेष गुणवत्ता वाली हल्दी की पैदावार को बढ$ावा, दुग्ध व्यवसाय के प्रोसेसिंग युनिट, पशु पालको के लिए बायोगैस प्लांट, मोन पालन, भाबर घास रोपण, रेशम के कुशल कामगारों के लिए परियोजना, आदि क्षेत्रों को बढ$ावा दिये जाने को कहा। डीएम ने यहां के 6 कुशल रेशम उत्पादकों के लिए रेशम विभाग से 15 अगस्त तक कार्य योजना का प्रस्ताव बना कर दिये जाने के निर्देश दिये।
उन्होंने समाज कल्याण विभाग को क्षेत्र के पात्र 12 वींपास छात्र जो कि उच्च शिक्षा ग्रहण करने के इच्छुक हैं और उच्च शिक्षा के दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए पात्र है, की शीघ्र ही शिक्षा विभाग के माध्यम से कैम्प लगाकर कैरियर कॉउसलिंग कराये जाने के निर्देश दिये। चिन्हिकरण कार्य विभाग स्वयं क्षेत्र में जाकर करेगा। किसी लाभार्थी द्वारा आवेदन प्रेषित किये जानले की प्रतीक्षा न की जाये।
ग्रामीणो द्वारा क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई विभाग की नहर टूट जाने के कारण सिंचाई, तथा गन्ना फसल के लिए खाद की समस्या के निवारण की मांग की। डीएम ने सिंचाई और कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों की उक्त समस्या का निराकरण करने में क्या बाधा रही और क्यों नहीं दूर हो पायी की जानकारी शाम तक मांगी। उन्होंने किसानों को आश्वसन दिया कि अति शीध्र दोनों समस्याआें का समाधान कर अवगत करा दिया जायेगा।
जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी और समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि मनरेगा कार्यो का जॉब कार्ड बनवाने का कार्य कैम्प लगाकर अभियान के रूप शुरू करें। उन्होंने पीएचसी पर जहर रोधी दवाआें की उपलब्धता 24 घंटे रखने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिये। सांप आदि काटने की स्थिति में इमरजेंसी में किसी भी रोगी को जिला चिकित्सालय पहुंचने से पहले यह दवायें पीएचसी पर मिलनी चाहिए।
इस मौके पर एसडीएम सदर गोपाल चौहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी आनंद भारद्वाज, डीडीआे पुष्पेंद्र चौहान, तहसीलदार आशीष व अन्य विभागीय अधिकारी साथ रहे।