सरकार से आर्थिक संकट झेल रहे पत्रकारों की सहायता करने की मांग

एनयूजे के राष्ट्रीय अधिवेशन में पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करने के खिलाफ आवाज बुलंद*
-मीडिया जगत के लिए आर्थिक पैकेज की भी मांग
-पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर पूरे देश में आंदोलन चलाया जाएगा
सरकार से आर्थिक संकट झेल रहे पत्रकारों की सहायता करने की मां
*हरिद्वार।*
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) अखबारों और चैनलों में पत्रकारों की छंटनी, वेतन कटौती, फर्जी मुकदमों में गिरफ्तारी, उत्पीड़न, पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने और मीडिया कांउसिल के गठन की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन करेगी। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स के महासचिव एंथनी बेलांगर ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित एनयूजे-आई के राष्ट्रीय अधिवेशन में कहा कि पत्रकारों के हित और कल्याण के लिए बड़े पैमाने पर कार्य करने की आवश्यकता है। एनयूजेआई के पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए किये जा रहे तमाम प्रयासों का समर्थन करते हैं।
बेवनार के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में एनयूजे राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने कहा कि राष्ट्रीय अधिवेशन में केंद्र और राज्य सरकारों से मीडिया जगत के लिए आर्थिक पैकेज देने की मांग की गई। केंद्र सरकार से मांग की गई कि आर्थिक संकट का सामना कर रहे मध्यम और लघु समाचार पत्रों के लिए आर्थिक पैकेज की जल्दी से जल्दी से घोषणा की जाए। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल में छंटनी का शिकार बने पत्रकारों और कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। जिलों और छोटे कस्बों में काम करने वाले पत्रकारों को तो वेतन ही नहीं मिल रहा है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारें आर्थिक तौर पर संकट का सामना कर रहे पत्रकारों को एकमुश्त आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था कराएं। अधिवेशन में पत्रकार सुरक्षा कानून, मीडिया कमीशन और मीडिया काउंसिल के गठन, कोरोना महामारी के चलते पत्रकारों का उत्पीड़न, एनयूजेआई के सविधान में संसोधन और अन्य कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
एनयूजे-आई के महासचिव प्रसन्ना मोहंती ने बताया कि संगठन के अध्यक्ष रास बिहारी की अध्यक्षता में हुए राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर में दो हजार से ज्यादा पत्रकारों ने हिस्सा लिया। राज्यों की राजधानियों के अलावा प्रमुख शहरों के साथ ही दूरदराज में काम करने वाले सदस्यों ने अधिवेशन में हिस्सा लिया। अधिवेशन को एनयूजे के पूर्व अध्यक्ष प्रज्ञानंद चैधरी कोलकाता, पूर्व महासचिव रतन दीक्षित व शिवकुमार अग्रवाल, कोषाध्यक्ष डा.अरविन्द सिंह वाराणसी, उपाध्यक्ष सैयद जुनैद श्रीनगर, प्रदीप तिवारी भोपाल, भूपेन गोस्वामी गुवाहाटी, पुन्यमराजू विजयवाडा, रामचंद्र कनौजिया हरिद्वार, सचिव पंकज सोनी जयपुर, प्रशांत चक्रवर्ती अगरतल्ला, के कंधास्वामी चैन्नई, कमलकांत उपमन्यु मथुरा, दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश थपलियाल, महासचिव के पी मलिक, यूपी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के महामंत्री अशोक अग्निहोत्री, उत्तराखंड एनयूजे अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा आदि सभी प्रदेश अध्यक्षओ व महामंत्रियों ने संबोधित किया।
राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर में फर्जी मुकदमे बनाकर पत्रकारों को जेल भेजने की निंदा की गई। पत्रकारों ने कहा कि उत्तर प्रदेश,
राजस्थान, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र आदि राज्यों में बड़े पैमाने पर पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। संगठन की तरफ से सभी राज्यों में प्रशासन और पुलिस की तरफ से दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। बैठक के अंत में राष्ट्रीय महासचिव प्रसन्ना मोहंती ने धन्यवाद दिया।
उत्तराखंड से इस अधिवेशन में प्रतिभाग करते हुये प्रान्तीय अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा ने पत्रकार हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाते हुये उनके निराकरण की मांग की व राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा लाये गये प्रस्तावों का पुरजोर समर्थन किया।
इसके अलावा हरिद्वार से जिला अध्यक्ष अमित शर्मा, मामंत्री जयपाल सिंह, उपाध्यक्ष विकास झा, विवेक शर्मा, प्रतिमा वर्मा, प्रशांत शर्मा, संतोष पाध्याय, चन्द्रशेखर जोशी, रविन्द्र सिंह, राव रियासत पुण्डीर, सुनील मिश्रा, राधेश्याम विद्याकुल, सुरेन्द्र बोकाडिया, गुरप्रीत सिंह, मुदित अग्रवाल, निशा शर्मा, मंजू नेगी, रामेश्वर शर्मा, आनन्द गोस्वामी, शिवा अग्रवाल, अश्वनी अरोड़ा, मुकेष्ठ वर्मा,एहसान अंसारी ,शिवा अग्रवाल,रजत चौहान, विनोद मिश्रा,शिवकुमार शर्मा सहित कई पदाधिकारियों ने अधिवेशन में प्रतिभाग किया।