कृषि उत्पादन मंडी समितियों के संरक्षण अधिनियम में संशोधन के विरोध प्रदर्शन का किया समर्थन

हरिद्वार।
किसान संगठनों द्वारा कृषि उत्पादन मंडी समितियों के संरक्षण अधिनियम में केन्द्र सरकार द्वारा संशोधन के विरोध प्रदर्शन का पूर्व कृषि उत्पादन मण्डी समिति के चैयरमैन ने समर्थन किया।
इस अवसर पर पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति अध्यक्ष संजय चोपड$ा ने कहा सन् 19६4 में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के सानिध्य में किसानों के संरक्षण व ग्रामीण क्षेत्रो के विकास में अग्रिम प्रणाली के तहत भारत वर्ष की कृषि उत्पादन मंडी समितियों के गठन किये गए थे। मंडी समितियों के गठन के उपरांत कृषको, व्यापारियों, आम उपभोक्ताआें को सही दिशा मिल सके इसकी पूर्ति की गई थी। अब केन्द्र सरकार द्वारा जिस प्रकार से मंडी एक्ट को समाप्त कर निजी मंडियों को बढ$ावा देने के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कदम उठाए जाना न्यायसंगत नही है। केंद्र व राज्य सरकार को चाहिए कि किसानों के संरक्षण के लिए अनाज, दाल, आलू, प्याज अन्य समस्त किसान उपज को मंडी समितियों को दायरे में लाकर काला—बाजारी के नियंत्रण के लिए ठोस नियम बनाने चाहिए ताकि काला—बाजारी पर रोक के साथ किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य अर्जित हो और आम उपभोक्ताआें को आसानी से किसान की उपज उचित मूल्यों पर मिल सके। कहा कि किसान संगठनों द्वारा चलाये जा रहे मंडी संशोधन एक्ट के विरोध का वह समर्थन करते है, आवश्यकता पड$ी तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाये जाएंगे।