‘‘मेरे स्कूल—राष्ट्रीय गौरव’’ की हो रही प्रशंसा

हरिद्वार।
सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास जगाने एवं नवाचार की दिशा में अग्रणी रहकर कार्य कर रहे स्कूलों की सक्रियता को समाज के सामने लाने के अभिनव प्रयोग ‘‘मेरे स्कूल—राष्ट्रीय गौरव’’ पखवाड अभियान की जमकर प्रशंसा हो रही है। जनपद के नवाचारी शिक्षकों की मेहनत से अव्वल बने इन स्कूलों ने भी प्रदेश स्तर पर संचालित इस मुहिम में जगह बनायी है।
उप निदेशक समग्र शिक्षा एवं प्रभारी अधिकारी जनपद हरिद्वार आकाश सारस्वत ने 14 सितंबर को ‘‘मेरे स्कूल—राष्ट्रीय गौरव’’ अभियान की शुरूआत की थी। कोरोना काल में बुरी तरह प्रभावित शिक्षण व्यवस्था में ताजगी बरकरार रखने तथा अभिभावकों में सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास बनाये रखने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया। आकाश सारस्वत ने बताया कि इसके तहत उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों के उन स्कूलों के कार्यकलापों का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शन किया गया, जो नवाचार की दिशा में अग्रणी हैं तथा शिक्षक उम्दा कार्य कर रहे हैंं। बताया कि इस अभियान की शुरूआत 14 सितंबर को की गयी। जिसमें अब तक 1४ विद्यालयों को शामिल किया गया है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। कहा कि इस अभियान के शुरू करने के पीछे उद्देश्य था कि उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में नवाचारी कार्य कर रहे। शिक्षकों को प्रोत्साहन मिले तथा उनके इन कार्यों का उच्च स्तर पर प्रदर्शन भी हो सके इससे वह मिथक तो टूटेगा ही कि सरकारी स्कूल में कुछ नहीं होता। वहीं दूसरी आेर अभिभावकों की भी सरकारी स्कूलों में दिलचस्पी बढ$ेगी। सारस्वत ने कहा कि कोरोना काल से भले ही शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई हो परंतु हम और हमारे शिक्षक जब भी नियमित अध्यापन की और लौट आएंगे तो पूरी उर्जा एवं पूर्ण मनोयोग से काम करेंगे। उन्होंने बताया कि जनपद हरिद्वार में भी विभिन्न प्राथमिक, माध्यमिक स्कूल एेसे हैं जिनमें शिक्षकों ने अपनी मेहनत पर मील के पत्थर स्थापित किए हैं। यह स्कूल औरों के लिए आदर्श है तथा इस अभियान से जागरूकता के साथ—साथ अन्य विद्यालयों को भी नवाचार करने की प्रेरणा मिलेगी।