तीन दिन बाद भी नहीं मिला मगरमच्छ, तलाश जारी

विनीत चौधरी
लक्सर।
पंडितपुरी गांव में सात साल की बच्ची की मौत के बाद वन विभाग की टीम ने आज तीसरे दिन भी तालाब में करीब दो किलोमीटर दूरी तक मगरमच्छ की तलाश की। तथा ग्रामीणों की मदद से तालाब की सफाई भी कराई गई, किंतु मगरमच्छ का कही भी कुछ पता नहीं चल सका है।
विदित हो कि विगत शुक्रवार को पंडितपुरी गांव निवासी जयेंद्र की सात वर्षीय पुत्री राधिका पड़ोस की एक लड़की व दादी के साथ जंगल में चारा लेने गई थी। इसी दौरान वह रेलवे लाइन के पास बने तालाब में कमल का फूल तोड़ने उतर गई। तभी मगरमच्छ ने बच्ची को दबोच लिया।  बच्ची के चिल्लाने पर उसकी दादी व दूसरी बच्ची ने उसे देख लिया था। उनकी सूचना पर ग्रामीण व रायसी चौकी पुलिस के अलावा वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। वन विभाग की टीम व ग्रामीणों द्वारा काफी मशक्कत के बाद किशोरी के शव को तालाब से बरामद कर लिया गया था, जबकि मगरमच्छ का कही भी कुछ पता नहीं चल सका था। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
वन विभाग की टीम ने शनिवार को रेलवे लाइन के पास तालाब में मगरमच्छ की काफी तलाश की, किंतु कोई सफलता नहीं मिल सकी। वन विभाग के लक्सर रेंजर गौरव अग्रवाल ने बताया कि रविवार को तीसरे दिन भी तालाब में करीब दो किलोमीटर दूरी तक मगरमच्छ की तलाश की गई है। तथा ग्रामीणों की मदद से तालाब की सफाई भी कराई गई है, किंतु मगरमच्छ का कही भी कुछ पता नही चल सका है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को हिदायत दी गई है कि बच्चे व बुजुर्गों को अधिक पानी वाले क्षेत्र में न भेजें, क्योंकि इस मौसम में मगरमच्छ पानी से बाहर आ जाते हैं तथा बच्चों के पास आने पर तुरंत हमला कर देते है।
 वन विभाग की टीम में गौरव अग्रवाल के अलावा बीट इंचार्ज सोनी पंवार, अमित त्यागी, देवेंद्र कुमार, शिव कुमार, पंकज व सत्येंद्र कुमार आदि वनकर्मी शामिल रहे। इनके अलावा सैकड़ों ग्रामीण भी मगरमच्छ की तलाश में जुटे रहे।