निर्मल अखाडे के संतो ने महंत ज्ञानदेव के पक्ष में बनाया माहौल 

हरिद्वार। विकास तिवारी

निर्मल अखाडा के संतो ने बाहरी संतो द्वारा लगाए जा रहे आरोपो से बचाव करते हुए निर्मल अखाडा में प्रेसवार्ता पर अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए संतो को एक जुट किया। प्रेस वार्ता में बडा अखाडा उदासीन के मुखिया महंत एवं कुंभ मेला प्रभारी महंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड$ा परिषद के नेतृत्व में सभी तेरह अखाड$े श्री पंचायती अखाड$ा निर्मल के साथ हैं। महंत ज्ञानदेव सिंह महाराज श्री पंचायती अखाड$ा निर्मल के अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में कई कुंभ संपन्न हुए हैं। 2२1 का कुंभ स्नान श्री पंचायती अखाड$ा निर्मल के संत उनके नेतृत्व में ही करेंगे। महंत ज्ञानदेव सिंह महाराज व अखाड$े की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे अराजक तत्वों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत के वेश में आए असामाजिक तत्व अराजकता फैलाकर माहौल खराब करना चाहते हैं। यही तत्व पहले भी निर्मल अखाड$े की संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर चुके हैं। जिसे अखिल भारतीय अखाड$ा परिषद व समस्त संत समाज ने एकजुटता दिखाते हुए नाकाम कर दिया था। कुंभ मेले में विघ्न डालने का प्रयास कर रहे संत वेशधारी अराजक तत्वों को हरिद्वार में घुसने नहीं दिया जाएगा। अखाड$ों की परंपरा है कि अखाड$ों में होने वाले किसी भी प्रकार के विवाद को अखाड$े के रमता पंच व अन्य पदाधिकारी आपस में मिलजुल कर सुलझाते हैं। सड$कों पर प्रदर्शन करना संत परंपरा नहीं हैं। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रशासन को एेसे लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। अखाड$े के कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि महंत ज्ञानदेव सिंह महाराज के प्रति अपशब्द निंदनीय टिप्पणी व उनकी छवि धूमिल करने के प्रयासों को कतई सहन नहीं किया जाएगा। बताया कि अखिल भारतीय अखाड$ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज के समक्ष भी इस संबंध में शिकायत दर्ज करायी गयी है। इस अवसर पर महंत अमनदीप सिंह, महंत खेमसिंह, महंत बाबूसिंह, संत सुखमन सिंह, संत तलविन्दर सिंह, संत जसकरण सिंह आदि उपस्थित रहे।