कुम्भ में विदेशी पर्यटकों को लुभाएगी राज्य सरकार की ये स्क्रीम

-पर्यटकों को कुंभ में लागू होगी टूरिस्ट बीमा स्कीम
-विदेशी पर्यटकों को आकर्षिक करेगी सरकार
देहरादून।

विशेष प्रतिनिधी की रिपोर्ट

भारत में चार जगह लगने वाले कुंभ मेलों में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र अगर साधु-संत होते हैं तो वहीं विदेशी पर्यटक भी कुंभ मेले की शोभा बढ़ाते हैं। ऐसे में हरिद्वार में 2021 में होने वाले महाकुंभ को लेकर सरकार जिन तैयारियों को आगे बढ़ा रही है उनके साथ-साथ सरकार यह भी सुनिश्चित कर लेना चाहती है कि यहां आने वाले देश और विदेश के पर्यटकों को किस तरह से सुरक्षित और बिना डर के कुंभ मेले का भव्य नजारा दिखाया जाए। शायद यही कारण है कि अब राज्य सरकार के पर्यटन विभाग ने सात समंदर पार से आने वाले लोगों के अंदर पैदा हुए डर को खत्म करने के लिए कोविड टूरिस्ट बीमा स्कीम शुरू करने का मन बनाया है। यह स्कीम कुंभ मेले में आने वाले एनआरआई और विदेशी नागरिकों के लिए खासतौर पर होगी। राज्य सरकार में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इसको अमलीजामा पहनाने के लिए तमाम अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ मेले की तैयारियां इन दिनों जोर-शोर से चल रही हैं। हालांकि महाकुंभ के आयोजन में अब मात्र कुछ ही समय बचा है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार ने यहां पहले ही तय कर दिया है कि 31 जनवरी तक कुंभ से जुड़े सभी कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने यह भी तय कर दिया है कि आगामी 15 फरवरी के बाद महाकुंभ से जुड़े नोटिफिकेशन को भी जारी कर दिया जाएगा। जिसके बाद महाकुंभ का आगाज होगा।
महाकुंभ में सैलानियों के शामिल होने की उम्मीद
फिलहाल महाकुंभ से जुड़े नोटिफिकेशन को जारी नहीं किया गया है। लेकिन वर्तमान स्थितियां यही बता रही हैं कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहने वाली है। क्योंकि राज्य सरकार की व्यवस्थाएं इसी ओर इशारा कर रही हैं कि वो इस महाकुंभ को भव्य और दिव्य महाकुंभ बनाना चाह रही है। हालांकि इसका स्वरूप क्या होगा यह अभी तय नहीं किया गया है लेकिन फिलहाल उम्मीद है कि जा रही है कि जहां पिछले महाकुंभ के दौरान करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया था, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रहने के साथ ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भी इस महाकुंभ में शामिल होंगे।

क्या है कोविड टूरिस्ट बीमा ?
कोविड टूरिस्ट बीमा फिलहाल कुंभ में आने वाले विदेशी नागरिक और एनआरआई के लिए शुरू किया जा रहा है। हालांकि, यह एक तरह से शॉर्ट टर्म इंश्योरेंस है। इसमें तय किये गए इंश्योरेंस अमाउंट को जमा कर अपने आपको सुरक्षित किया जा सकता है। इस टूरिस्ट बीमा से इंश्योर्ड होने के बाद अगर कोई भी विदेशी नागरिक और एनआरआई कोरोना संक्रमण होता है, तो उसके इलाज का सारा खर्च इंश्योरेंस कंपनी उठाएगी। ऐसे में इन लोगों की इलाज की सारी चिंताएं खत्म हो जाएंगी।

राज्य सरकार को कोविड टूरिस्ट बीमा शुरू करने की क्यों है जरूरत ?
विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो और कोरोना संक्रमण से भयमुक्त होकर कुंभ में शामिल हों इसके लिए पर्यटन विभाग, कोविड टूरिस्ट बीमा शुरू करने जा रहा है। इसके तहत विदेशों से आने वाले नागरिक और एनआरआई को इसका लाभ दिया जाएगा। इससे न सिर्फ विदेशी नागरिक और एनआरआई महाकुंभ मेले में भयमुक्त होकर शामिल होंगे, बल्कि प्रदेश में विदेशी नागरिकों के आने की संख्या भी बढ़ेगी। इसके साथ ही राज्य सरकार पर विदेशी नागरिकों और एनआरआई के इलाज का अतिरिक्त भार भी नहीं आएगा। इन्हीं सब चीजों को देखते हुए राज्य सरकार को कोविड टूरिस्ट बीमा की जरूरत महसूस हो रही है।

संतों को अच्छी लगी सरकार की पहल
वहीं, कुंभ मेले में सबसे अधिक जिन साधु-संतों के कैंप में विदेशी भक्त आते हैं, उन साधु-संतों को भी अब लग रहा है कि अगर सरकार यह पहल करती है तो काफी हद तक विदेशी श्रद्धालु हरिद्वार महाकुंभ में शामिल हो सकेंगे। परमार्थ निकेतन के संत स्वामी चिदानंद की मानें तो सरकार की यह पहल अच्छी साबित हो सकती है बशर्ते सरकार इसको तत्काल प्रभाव से लागू करे। ताकि जो लोग देश विदेश में बैठे हैं, वह अपनी तैयारियां हरिद्वार आने के लिए समय से पूरी कर लें।

महाकुंभ में लागू किया जाएगा कोविड टूरिस्ट बीमा
वहीं, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि कोविड टूरिस्ट बीमा होना चाहिए, क्योंकि इस तरह का प्रयोग सिंगापुर में किया गया है। वहां पर यह बहुत कारगर साबित हुआ है। ऐसे में विदेशी नागरिक और भारतीय प्रवासी जो कुंभ में शामिल होने के लिए यहां आना चाह रहे हैं, इन लोगों के लिए कोविड टूरिस्ट बीमा बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि आगामी महाकुंभ में निश्चित रूप से कोविड टूरिस्ट बीमा को लागू किया जाएगा।