नैनीताल पर्यटकों के लिए खुशखबरी,रानीबाग-हनुमानगढ़ रोपवे को लेकर कवायद तेज


दीप्ति बौरा की रिपोर्ट……

-टर्मिनल वाले स्थानों का होगा भूगर्भीय सर्वे

-रोपवे की लंबाई करीब 11-12 किमी व अनुमानित लागत पांच सौ से 550 करोड़ है

-टीआरसी सूखाताल में उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के अतिरिक्त सीईओ रोहित मीणा ली बैठक

 

– याचिकाकर्ता व नैनीताल के पर्यावरणविद प्रो. अजय रावत, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ सीबीआरई कंपनी के कंसलटेंट रहे मौजूद

नैनीताल ।

हल्द्वानी रानीबाग से हनुमानगढ़ी नैनीताल तक के प्रस्तावित रोपवे निर्माण को लेकर सरकारी कवायद तेज होने लगी है। यह मामला जनहित याचिका के माध्यम से हाई कोर्ट पहुंचा है और कोर्ट ने याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन के निस्तारित करने के आदेश पारित किए हैं, ऐसे में सरकारी एजेंसियां इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से संबंधित आपत्तियों के पूरी तरह निस्तारण के बाद ही आगे बढऩे की कोशिश कर रही हैं। तय हुआ कि रोपवे के प्रस्तावित टर्मिनल वाले स्थानों का स्वतंत्र एजेंसी से भूगर्भीय सर्वेक्षण किया जाएगा, उसकी रिपोर्ट के बाद ही प्रोजेक्ट क्रियान्वयन को लेकर आगे बढ़ा जाएगा।
टीआरसी सूखाताल में उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के अतिरिक्त सीईओ रोहित मीणा ने इस मामले में याचिकाकर्ता व नैनीताल के पर्यावरणविद प्रो. अजय रावत, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़, सीबीआरई कंपनी के कंसलटेंट अरोहन के साथ बैठक की। एसीईओ मीणा ने बताया कि जियो टैगिंग का सर्वे किया जाएगा। भूगर्भीय सर्वेक्षण की रिपोर्ट के बाद ही टर्मिनल को फाइनल टच दिया जाएगा।यहां उल्लेखनीय है कि इस रोपवे की लंबाई करीब 11-12 किमी व अनुमानित लागत पांच सौ से 550 करोड़ है। इसमें लोअर टर्मिनल प्वाइंट एचएमटी रानीबाग में वन भूमि पर, टर्न स्टेशन निकट डोलमार, मध्य टर्म स्टेशन ज्योलीकोट व अपर टर्मिनल हनुमानगढ़ नैनीताल में प्रस्तावित है। इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट में थ्री स्टार होटल, मल्टीलेवल कार पार्किंग, रिसोर्ट आदि मुख्य कार्य हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज इस प्रोजेक्ट को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रतिबद्धता जाहिर कर चुके हैं।