फरार आरोपित पर एक लाख का इनाम घोषित

डीआईजी ने परिजनों से मिलकर दी सांत्वना
हरिद्वार। चन्द्रशेखर जोशी
नगर कोतवाली क्षेत्र में बालिका से दुष्कर्म करने के बाद हत्या करने के मामले में लोगों का आक्रोश कम नहीं हो रहा है। आक्रोशित लोग केंडल मार्च निकाल कर बालिका को श्रद्धांजलि देकर फरार आरोपी की गिरफ्तारी व दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। शासन भी इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा सत्र में फरार आरोपित की इनाम राशि 2 हजार से बढ$ाकर 1 लाख रुपए कर दी है। गढ$वाल परिक्षेत्र की डीआईजी ने हरिद्वार पहुंच कर पुलिस आला अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। गुरुवार की शाम पीडि$त परिवार के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा ।
ऋषिकुल न्यू कलोनी में 2 दिसंबर को हुई हृदय विदारक घटना को लेकर शासन ने गंभीरता से लिया। बालिका के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपी पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। पकड$े गए आरोपित का सहयोग करने वाला राजीव कुमार घटना के दिन से ही पुलिस की मौजूदगी में फरार हो गया था। एसएसपी ने आरोपित की गिरफ्तारी के लिए आठ पुलिस टीमों का गठन कर अलग—अलग क्षेत्रों में भेजा। प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने फरार आरोपित पर बुधवार को 2 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया था। गुरुवार को शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की आेर से विधानसभा भवन में फरार आरोपित पर इनाम की राशि बढ$ाकर एक लाख रुपए करने की घोषणा की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ$वाल परिक्षेत्र कि डीआईजी नीरू गर्ग ने बुधवार की रात हरिद्वार में डेरा जमाया हुआ है। हरिद्वार पहुंचने के बाद उन्होंने बुधवार की ही रात को पुलिस के आला अधिकारियों के साथ ऋषिकुल बालिका हत्याकांड मामले में प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा करने के बाद आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीआईजी ने गुरुवार की शाम को पीडि$त परिवार से मिलकर संवेदना प्रकट करते हुए सांत्वना देते हुए भरोसा दिया की फरार आरोपित राजीव कुमार को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कड$ी से कड$ी सजा के लिए कोर्ट में पैरोकारी की जाएगी। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जनपद वासियों को कानून व्यवस्था पर भरोसा करने के लिए कहा गया है और जल्द ही फरार आरोपित राजीव कुमार को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आक्रोश में जनता एेसा कार्य न करें जिससे और लोगों को परेशानी हो।