9 हजार किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ की क़िस्त हस्तांतरण

(सम्वाददाता)
हरिद्वार ।

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने आज टी0वी0 चैनलों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से पी0एम0 किसान योजना के अन्तर्गत नौ करोड़ किसान परिवारों के खातों में 18 हजार करोड़ रूपये की नई किस्त का हस्तांतरण किया। यह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की सातवीं किस्त है।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री ने कई राज्यों के किसानों से प्रधानमंत्री सम्मान निधि से मिलने वाली राशि का किसान किस ढंग से उपयोग करते हैं, उनकी जोत कितनी है, उनकी खेती के प्रति भावी क्या योजनायें हैं, सिंचाई परम्परागत ढंग से करते हैं या आधुनिक विधियों से, कृषि सुधार कानूनों से आपको क्या मदद मिली, खेती की नई विधियां अपनाने पर आपको कितना फायदा मिला, पहले कौन सी फसल उगाते थे तथा वर्तमान में कौन सी फसल उगा रहे हैं आदि के सम्बन्ध में जानकारी ली। इस क्रम में उन्होंने अरूणाचल प्रदेश के किसान,  गंगनअपेनम जी, उड़ीसा के नवीन ठाकुर, हरियाणा के  हरिसिंह, महाराष्ट्र के गणेश राजेन्द्र भोंसले, मध्य प्रदेश के  मनोज पाटीदास, तमिलनाडु के शुभममणि जी, उत्तर प्रदेश के राम गुलाब से संवाद स्थापित किया।
प्रधानमंत्री ने किसानों से संवाद स्थापित करने के पश्चात अपने सम्बोधन में कहा कि किसानों के जीवन में आई खुशी हमारी खुशी बढ़ा देती है। आज का दिन बहुत ही पावन दिन है।

किसानों को सम्मान निधि की किस्त मिली है, क्रिसमस का पर्व मनाया जा रहा है, उसकी शुभकामनायें, पण्डित मदनमोहन मालवीय की जयन्ती है, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन है, जिसे हम गुड गवर्नेंस के रूप में मनाते हैं। उन्होंने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुये उनके द्वारा देश के विकास में उठाये गये कदमों व योजनाओं-स्वर्णिम चतुर्भज योजना, सर्व शिक्षा अभियान आदि का जिक्र किया तथा कहा कि कृषि सुधार हेतु जो कदम हमने उठाये हैं, वे उन्हीं की प्रेरणा है।
श्री मोदी ने कहा कि एक कहावत है कि रूपया चलता है, रूपया घिसता है, हाथ में लगता है, जेब में चला जाता है, लेकिन आज रूपया चलता है, घिसता नहीं है, सम्बन्धित के खाते में सीधे पहुंचता है। यह तकनीक के इस्तेमाल से सम्भव हुआ है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुये कहा कि केवल पश्चिम बंगाल को छोड़कर देश के सभी राज्यों के किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। देश की जनता सब जानती है। इस पर विपक्ष चुप क्यों है। वे किसानों को भ्रमित न करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने दुनियाभर में कृषि क्षेत्र में क्या बदलाव हुआ है, उस पर विचार किया। हमने लक्ष्य बनाकर काम किया। किसान का खर्च कम से कम आये, इसके लिये हमने प्रयास किये। उन्होंने कहा कि देश के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ हो रहा है, हम देश में ड्रिप व माइक्रो इरिगेशन को भी बढ़ावा दे रहे हैं, हमने स्वामीनाथन की रिपोर्ट के अनुसार एमएसपी में डेढ़ गुना तक वृद्धि की है। उन्होेने कहा कि हमारे कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता गांव के पास ही भण्डारण की है। हम कोल्ड स्टोरेज के लिये करोड़ों का निवेश कर रहे हैं। हमारी सरकार डेयरी उद्योग, मछली पालन, पशुपालन आदि को बढ़ावा दे रही है। किसान क्रेडिट कार्ड का अभियान तेजी से चल रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि आज किसानों को शौचालय, गैस, पानी, बिजली, घर आदि की सुविधा मिल रही है। पांच लाख तक का मुफ्त इलाज आयुष्मान योजना के तहत दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में कृषि को आधुनिक बनाना ही होगा तथा कृषि सुधार के जरिये बेहतर विकल्प दिया है। आज आप अपनी फसल को खुद निर्णय करके कहीं भी तथा एफपीओ के माध्यम से भी बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि बढ़े हुये एमएसपी पर सरकार ने रिकार्ड खरीददारी की है। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में काण्ट्रेक्ट खेती पहले से ही चली आ रही है। पहले इसमें पेनल्टी लगती थी, अब हमने इसमें पेनल्टी खत्म कर दी है तथा खरीददार समय से भुगतान करने के लिये बाध्य है। पहले सारा रिस्क किसान का होता था, अब एग्रीमेंट करने वाले का ज्यादा रिस्क है। उन्होंने कहा कि हमारे किसान सिर्फ उत्पादक ही नहीं निर्यातक भी बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में हम सभी वर्गों से बात करने को तैयार हैं, बशर्ते मुद्दों पर बातचीत हो।
प्रधानमंत्री के सम्बोधन से पहले कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर ने भी वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुये कृषि सुधार कानून पर प्रकाश डाला।
इससे पूर्व बीएसएम इण्टर काॅलेज, रूड़की में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री डाॅ0 रमेश पोखरियाल निशंक ने इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि हम यहां प्रधानमंत्री की ओर से किसानों का अभिवादन करने आये हैं। उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने देश में सभी वर्गों की समस्याओं का समाधान किया है तथा पहले ही दिन से मोदी जी ने किसानों के विकास के लिये, उनकी आय दोगुनी करने के लिये कार्य किया है। उन्होेंने कहा कि हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य में डेढ़ गुना वृद्धि की है तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि अनेक योजनाओं के माध्यम से किसानों की मदद हमारी सरकार कर रही है। उन्होेंने कहा कि नौ करोड़ किसान परिवारों के खातों में 18 हजार करोड़ रूपयों का हस्तांतरण का चमत्कार मोदी सरकार ही कर सकती है।
डाॅ0 रमेश पोखरियाल निशंक ने त्रिवेन्द्र सिंह रावत की सरकार के कार्यों की सराहना करते हुये कहा कि अब पट्टाधाराकों को भी किसान समझा जायेगा तथा सम्मान निधि से उन्हें भी पैसा दिया जायेगा।
नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुये शिक्षा मंत्री ने कहा कि हम नई शिक्षा नीति लाये हैं, जो अपनी शिक्षा नीति होगी। उन्होंने कहा कि भारत की धरती से दुनिया ने ज्ञान-विज्ञान सीखा है। हमारे लिये पहले राष्ट्र है। हरिद्वार का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि हरिद्वार में काफी विकास हुआ है। अगले दो सालों में इसका नक्शा बदल जायेगा, चाहे सड़कों का विकास हो या अन्य तरह का विकास।
समारोह में डाॅ0 रमेश पोखरियाल निशंक ने श्री पहल सिंह, विकास खण्ड, खानपुर को मत्स्य पालन, बालेन्द्र त्यागी, नारसन को आत्मा परियोजना, सुशील कुमार, विकास खण्ड बहादराबाद को सब्जी उत्पादन तथा पीयूष पुण्डीर को पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये किसान भूषण पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
इससे पूर्व बीएसएम इण्टर काॅलेज परिसर पहुंचने पर डाॅ0 रमेश पोखरियाल निशंक शिक्षा मंत्री, भारत सरकार का जन-प्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारी द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर प्रदीप बत्रा, विधायक, रूड़की, अमीलाल वाल्मीकि, गौरव गोयल, मेयर रूड़की, मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर, उप जिलाधिकारी सुश्री नमामि बंसल, मुख्य कृषि अधिकारी विकेश कुमार सिंह यादव, उद्यान अधिकारी नरेन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में किसान आदि उपस्थित थे।