हरकी पौड़ी को जुता रहित बनाने पर विचार विमर्श

-गंगा सभा पदाधिकारियों के साथ आईजी कुम्भ मेला ने की बैठक
हरिद्वार। (सम्वाददाता)
मेला नियंत्रण भवन के सभागार में समय 2 बजे संजय गुंज्याल पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला 20२1 हरिद्वार द्वारा गंगा सभा के पदाधिकारियों के साथ आगामी कुम्भ मेला 20२1 की व्यवस्थाआें को लेकर गोष्ठी की गई।
सर्वप्रथम पुलिस महानिरीक्षक द्वारा गोष्ठी में आये गंगा सभा के सभी पदाधिकारियों एवम तीर्थ पुरोहित समाज के लोगों का स्वागत किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक ने गंगा सभा को हरिद्वार के कुम्भ मेला आयोजन का एक महत्वपूर्ण स्टेक होल्डर बताते हुए उनके सुझाव आमंत्रित किये। गंगा सभा की और से सर्वप्रथम गंगा सभा अध्यक्ष प्रदीप झा ने हरकी पेेे को जूता रहित क्षेत्र बनाने के लिये कोई उत्तम व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। इस व्यवस्था को बनाने में सभी से आवश्यक सहयोग देने की बात कही। कहा कि आने वाले श्रद्धालुआें के मन में पहले से ही जागरूकता का भाव पैदा किया जाए कि वह जब भी हरकी पैड$ी पर आए तो बिना जूते पहने आए। इसके लिये सभी होटल, लॉज, धर्मशालाआें और आश्रमों के स्वामियों से कहा जाए कि वह अपने यहां ठहरने वाले श्रद्धालुआें को बताएं कि वे अपने जूते कमरे पर ही छोड$कर हरकी पैड$ी स्नान हेतु जाएं। शाही स्नान के दौरान मालवीय घाट एवं अन्य घाटों पर सामान्य श्रद्धालुआें का स्नान कराएं जाने की पूर्व व्यवस्था को ही लागू किये जाने की बात कही। इसके सम्बंध में पुलिस महानिरीक्षक द्वारा कहा गया कि आपसी सहयोग से हरकी पैड$ी जूता रहित बनाने का प्रयास आगामी कुम्भ के दौरान किया जाएगा। हरकी पैड$ी पर ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को बिना चमड$े वाले जूते और बेल्ट उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे हरकी पैड$ी की सुचिता बनी रहे। इसके अलावा पुलिस महानिरीक्षक ने शाही स्नान के दौरान सामान्य श्रद्धालुआें को हरकी पैड$ी एवम मालवीय द्वीप घाट को छोड$कर अन्य अगल—बगल के घाटों पर स्नान कराए जाने की पूर्व प्रचलित व्यवस्था को ही लागू किये जाने की बात कही। इसके अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक द्वारा कुम्भ मेला पुलिस की ड्यूटी से पूर्व ली जाने वाली सौगंध के समारोह को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने में गंगा सभा के सहयोग की अपेक्षा की, जिसके प्रत्युत्तर में गंगा सभा द्वारा पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा तन्मय वशिष्ठ द्वारा भी सुझाव दिया गया कि हरकी पैड$ी पर ड्यूटीरत पुलिस कर्मियों को सिलिकॉन से बने जूते दिए जा सकते हैं। इसके पश्चात आईजी कुम्भ मेला द्वारा बताया गया कि कुछ लोग कर्मकांड हेतु निर्धारित घाटों से अलग घाटों पर कर्मकांड से सम्बंधित पूजा अर्चना करवा रहे हैं, जो कि उचित नही है। गंगा सभा की पदाधिकारियों द्वारा भी इस परंपरा को पूर्णत: अवैध और नियम विरुद्ध बताया गया तथा इस प्रकार के लोगों के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता बताई। गंगा सभा द्वारा मेला पुलिस के सहयोग के लिये गंगा सभा की आेर से एेसे स्वयं सेवक उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया, जो कि मेला पुलिस को स्थानीय और बाहरी लोगों की पहचान करने में सहायता देंगे। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस प्रकार के स्वयं सेवकों की अत्यंत आवश्यकता बताते हुए उनके नामों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की।
तत्पश्चात गंगा सभा के पदाधिकारियों द्वारा आने वाले मकर संक्रांति के स्नान पर्व की व्यवस्थाआें के बारे में जानने की जिज्ञासा जताई तथा मेले के दौरान दिए जाने वाले पास के सम्बंध में जानकारी चाही। इसके जवाब में आईजी द्वारा बताया गया कि शाही स्नान से पूर्व आने वाले सभी स्नानो पर मेला पुलिस अपनी तरफ से पूर्ण तैयारी करके सकुशल स्नान सम्पन्न कराएगी। इससे मेला पुलिस को भी शाही स्नान पर्व तक स्नान ड्यूटी का भी अच्छा अनुभव हो जायेगा। पास के सम्बंध में आईजी द्वारा बताया गया कि मेले की अधिसूचना जारी होने पर स्थानीय लोगों के सुगम आवागमन के लिये पास बनाये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
आईजी ने बताया कि आगामी कुम्भ मेले के दौरान भीड$ के अनुसार व्यवस्था बनाई जाएगी। परन्तु जो भी व्यवस्था बनाई जाएगी उसमें सभी स्टेक होल्डर्स के उपयोगी सुझावों को अधिक से अधिक सम्मिलित किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि जो भी व्यवस्था बने वो ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित, व्यवस्थित और स्थानीय लोगों, व्यवसायियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बने। अनावश्यक रूप से स्थानीय लोगों और व्यवसायियों को परेशान करने वाली व्यवस्था लागू नही की जाएगी। इसके अतिरिक्त यह प्रयास किया जा रहा है कि आगामी कुम्भ मेले के दौरान वॉलियन्टर्स की सहायता से बुजुर्ग, दिव्यांगों एवम अशक्त लोगों के लिये अलग से सुगम व्यवस्था बनाई जाए। तत्पश्चात जन्मेजय खंडूरी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला 2२1 द्वारा गोष्ठी को संबोधित करते हुए आशान्वित किया गया कि आगामी कुम्भ मेले की व्यवस्थाआें में स्थानीय लोगों एवम सभी स्टेकहोल्डर्स की आेर से दिए गए सुझावों को यथासंभव सम्मिलित किया जाएगा। गंगा सभा जैसी अन्य महत्वपूर्ण संस्थाआें और संगठनों के साथ मिलकर सम्मिलित प्रयासों से कुम्भ मेला 2२1 का सकुशल, सुरक्षित एवम सर्वहितकारी आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि जो भी श्रद्धालु कुम्भ मेले में स्नान हेतु आये वो यहां से अच्छी स्मृति में लेकर जाए। गोष्ठी में जितेंद्र उपाध्यक्ष गंगा सभा, डा. सिद्धार्थ चक्रपाणी स्वागत मंत्री गंगा सभा, आशीष मारवाड$ी सचिव गंगा सभा, प्रकाश देवली पुलिस उपाधीक्षक यातायात कुम्भ मेला, सुजीत सिंह पंवार पुलिस उपाधीक्षक लाइन कुम्भ मेला, शांतनु पराशर पुलिस उपाधीक्षक कुम्भ, तपेश चंद पुलिस उपाधीक्षक कुम्भ के द्वारा प्रतिभाग किया गया।