श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर समर्पण निधि अभियान के प्रांत कार्यालय का उदघाटन

-सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर-2 में खुला प्रान्त कार्यालय

अमित कुमार शर्मा

हरिद्वार।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान के प्रांत कार्यालय का उद्घाटन भेल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर-2 में वैदिक हवन-यज्ञ पूजा से हुआ। विद्वान पण्डित जीवन जोशी के आचार्यत्व में सम्पन्न यज्ञ हवन में संघ विचार परिवार के सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं ने आहुति दी।
इस अवसर पर विहिप के केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी ने कहा कि 14 जनवरी से प्रारम्भ होने वाले निधि समर्पण अभियान में अधिक से अधिक जन सहभगिता हो इसके लिए सभी ने मिलकर सामूहिक प्रयास करना चाहिए।
आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने कहा कि श्रीराम मन्दिर निर्माण प्रत्येक हिन्दु की भावनाओ से जुड़ा है। निधि समर्पण अभियान महज धन एकत्र करने का अभियान नही है। इस अभियान के माध्यम से प्रतेयक हिन्दू के मन से यह भावना उतपन्न हो कि राम मंदिर निर्माण में मेरा भी योगदान है। इसलिए इस अभियान को जनअभियान का नाम दिया गया है।
उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि श्री राम जन्मभूमि आंदोलन का आगाज तीर्थनगरी से ही हुआ था, हरिद्वार की जनता मन्दिर आंदोलन की साक्षी रही है। यहां से हर घर से कार सेवा की गई थी। केंद्र स्तर पर हरिद्वार के स्वयंसेवको की महत्वपूर्ण भूमिका रही, हरिद्वार से ही इस अभियान का भी प्रारम्भ होना शुभ संकेत है।
अभियान के सह प्रांत प्रमुख पवन जी ने बताया कि मकर सक्रांति से प्रारम्भ होने वाले अभियान के लिए सभी तैयारियां कर ली गई है। प्रांत से लेकर बस्ती स्तर तक कि टोलिया बन गई है। उन्होंने बताया कि श्रीराम मंदिर निर्माण में सहयोग अभियान में जुड़ने के लिए बड़ी संख्या में आम जनता उतसाहित है। हिन्दू जनता अपनी समर्थ के अनुसार इस अभियान का हिस्सा बने इसकी योजना तैयार कर ली गई गई।
प्रांत कार्यालय उदघाटन अवसर पर महंत रूपेंद्र प्रकाश महाराज, आरएसएस जिला सञ्चालक रोहिताश कुँवर, राज्यमंत्री डॉ विनोद आर्य,विहिप प्रांत सह संगठन मंत्री अजय कुमार,डॉ विजय पाल सिंह, विहिप जिलाध्यक्ष नितिन गौतम, प्रांत प्रवक्ता वीरेंद्र कीर्तिपाल,जिला प्रचारक अमित कुमार, वीरपाल चौहान, नगर प्रचारक रमेशजी, देवेश वशिष्ठ, कर्नल हरिशंकर शर्मा, गुरमीत सिंह, दीपक भारती, अजय शर्मा, अमित शर्मा, प्रवीण शर्मा, अमित त्यागी, कार्यालय प्रमुख रविदत्त जोशी व अम्बरीष कुमार आदि मुख्य थे।