स्वामी अवमुक्तेश्वरानन्द से मिले चारधाम के तीर्थ पुरोहितों

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज के प्रतिनिधि स्वामी अवमुक्तेश्वरानन्द से भेंट करते चार धाम तीर्थ पुरोहित प्रतिनिधि

हरिद्वार। (राहुल चौरसिया)
चार धामों के तीर्थ पुरोहितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर देवस्थानम बोर्ड के बारे में चर्चा की। इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने उन्हें राज्य सरकार द्वारा बनाए गए देवस्थानम बोर्ड से होने वाली दिक्कतों से उन्हें अवगत कराया। शंकराचार्य के प्रतिनिधि शिष्य अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीर्थ पुरोहितों को आश्वस्त किया कि धर्म विरुद्ध होने वाले किसी भी कार्य का पुरजोर विरोध करेंगे ।
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल के नेतृत्व में चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधि मंडल ने स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से उनके आश्रम में मुलाकात की । इस दौरान उन्हें देवस्थानम बोर्ड गठन के बारे में बताया । स्वामी ने कहा कि वे देवस्थानम एक्ट का गंभीरता पूर्वक अध्ययन करेंगे तथा विधि विशेषज्ञों से परामर्श लेने के बाद उचित निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के चार धामों की मर्यादा एवं परंपरा को अक्षुण्ण रखने में तीर्थ पुरोहितों एवं इन मंदिरों से जुड़े हकहकूकधारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों का नियंत्रण सरकार अपने पास क्यों रखना चाहती है , इस पर एक राष्ट्रव्यापी बहस की आवश्यकता है ।कहा कि हिंदू मंदिरों के सरकारी करण के विरोध में सभी सनातन धर्ममियों को एकजुट होकर उसका पुरजोर विरोध करना चाहिए। स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष सरकारों को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए । धार्मिक स्थलों पर धर्माचायों का नियंत्रण होना चाहिए न कि सरकारों का।
इस अवसर पर गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, डॉक्टर बृजेश सती, यमुनोत्री मंदिर समिति की सचिव कृतेश्वर उनियाल, राजेश सेमवाल, अनुरूद उनियाल,सुभाष सेमवाल, सचिदानंद सेमवाल, बृजमोहन आदि मौजूद रहे।