त्याग, तपस्या और करूणा की प्रतिमूर्ति थी माता ललिताम्बा :- श्री महंत देवानंद सरस्वती

-श्री मानव कल्याण आश्रम में ब्रह्मलीन माता ललिताम्बा देवी को संत समाज ने दी श्रद्धांजलि
हरिद्वार(सम्वाददाता)।

तीर्थ नगरी हरिद्वार, बदरी नाथ में श्री मानव कल्याण आश्रम की संस्थापिका परम गौ भक्त ब्रह्मलीन माता ललिताम्बा देवी की पन्द्रहवी पुण्य तिथि पर संत समाज ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कनखल स्थित श्री मानव कल्याण आश्रम में महंत स्वामी दुर्गेशा नंद सरस्वती महाराज के संयोजन, ट्रस्टीश्री महंत देवानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य और मैनिजिग ट्रस्टी अनिरूद्ध भाटी के संचालन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें ब्रह्मलीन माता ललिताम्बा देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

इस अवसर पर श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि श्री मानव कल्याण आश्रम की संस्थापिका ब्रह्मलीन माता ललिताम्बा देवी जी महाराज त्याग, तपस्या और करूणा की प्रतिमूर्ति थी जिनका सारा जीवन राष्ट्र, धर्म और गौरक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होने ने कहा कि ब्रह्मलीन माता ललिताम्बा महाराज ने गौ रक्षा आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की और जेल की यातना भी सही धर्म की रक्षा के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। श्री मानव कल्याण आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने ब्रह्मलीन माता ललिताम्बा देवी और स्वामी कल्याणा नंद महाराज को स्मरण करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन माता ललिताम्बा देवी और स्वामी कल्याणा नंद महाराज ने धर्म के प्रचार प्रसार के लिए जहाँ पूरे देश में भ्रमण कर गौ, गंगा की रक्षा के लिए अलख जगाई वही हरिद्वार, बदरीनाथ और अहमदाबाद में श्री मानव कल्याण आश्रमो की स्थापना कर तीर्थयात्रीयो के लिए सुविधाओ का विस्तार किया। श्री मानव कल्याण आश्रम हरिद्वार के मैनजिंग ट्रस्टी अनिरूद्ध भाटी ने श्रद्धांजलि समारोह में कहा कि ब्रह्मलीन माता ललिताम्बा देवी धर्मनिष्ठ और कृष्ण भक्ति में लीन रहने वाली संत थी जिन्होंने श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से जन जन में कृष्ण भक्ति का प्रचार प्रसार किया और संत समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। श्री मानव कल्याण आश्रम के महंत स्वामी दुर्गेशा नंद सरस्वती महाराज ने संतजनो का आभार प्रकट करते हुए कहा कि श्री मानव कल्याण आश्रम धर्म और सेवा का केंद्र है जिसकी नींव मे ब्रह्मलीन माता ललिताम्बा देवी और स्वामी कल्याणा नंद महाराज के जप तप की शक्ति समाहित है वे आज भी सूक्ष्म रूप में हमारा मार्ग दर्शन कर रहे हैं। इस अवसर पर रेणुका बेन, म0म0 स्वामी संतोषानंद, स्वामी कमलानंद, महंत रविदेव शास्त्री, महंत दिनेश दास, आचार्य हरिहरा नंद ,विनित गिरि संजय वर्मा, आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संतजनो का आशीर्वाद प्राप्त किया।