कुंभ वर्ष के पहले गंगा स्नान, मकर संक्रांति पर 8 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डूबकी

कड़के की ठंड और कोरोना पर भारी पड़ी श्रद्धालुओं की आस्था   

हरिद्वार(प्रमोद शर्मा)।

मकर संक्रांति पर कड़ाके की ठंड के बावजूद देशभर से आए करीब आठ लाख श्रद्धालुआें हर की पैड$ी सहित विभन्न घाटों पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। कुम्भ मेला प्रशासन व पुलिस ने इस पर्व पर कुम्भ मेला के ट्रायल के रूप में व्यवस्थाएं की थीं। वहीं गंगा स्नान करने आने वालों की सभी सीमाआें पर जांच कर पांच—पांच मिनट में रिपोर्ट दी गई। मुख्य शहर मके अंदर सभी प्रकार के वाहनों के  प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था। जिला प्रशासन, पुलिस, कुम्भ मेला प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारी दिन भर इंतजामात पर नजर बनाए रहे। मकर संक्रांति के अवसर पर गुरुवार सुबह सवेरे ही बड़ी संख्या में लोग हर की पैड$ी संित विभिन्न गंगा घाटों पर पहुंचने लगे थे। दिन चढऩे के साथ स्नान करने वालों की भीड़ भी बढ़ती चली गई। वहीं निर्धारित मानकों के साथ गंगा स्नान करने आने की छूट मिलने की जानकारी लगने पर जनपद की सभी सीमाआें पर भी भारी तादाद में श्रद्धालू पहुंचने शुरू हो गए थे। श्रद्धालुआें ने हर की पैड$ी, कुशाघाट, पंतद्वीप, हनुमान घाट, रामघाट, गंगापार के प्लेट फार्म घाटों पर स्नान किया। पर्वतीय इलाकों से आने वाले श्रद्धालुआें ने अपने देवी—देवताआें को भी स्नान कराया। और ढोल धमाल साथ हर की पैड$ी पर पहुंचे। श्रद्धालुआें ने इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कर्मकांड यज्ञोपवीत, कर्णवेध आदि भी सम्पादित कराए। देव दर्शन सूर्य अघ्र्य के बाद लोगों ने तिल से बने व्यंजन, उड$द की दाल की खिचड$ी दान की। पंडित अमित कुमार सोहले शा ी ने श्रद्धालुआें को बताया कि मकर संक्रांति पर सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश कर गए हैं। इसी के साथ आज से शुभ कार्य शुरू हो गए हैं। हर की पैड$ी सहित पूरे कुम्भ मेला क्षेत्र में मेला प्रशासन के साथ कुंभ मेला प्रशासन व पुलिस द्वारा कुंभ की तर्ज पर व्यवस्था की गई थी। हर की पैड$ी पर चारों और बड$ी तादाद में पुलिस तैनात की गई थी। मकर का स्नान करने आने वालों में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान,हिमाचल प्रदेश, जे एण्ड के, मध्य प्रदेश व नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालू पहुंचे तो वहीं उत्तराखंड के दोनों मंडलों व स्थानीय लोग शामिल रहे। कुल मिलाकर मकर संक्रांति का स्नान पर्व सकुशल सम्पन्न हो गया।