भविष्य सुरक्षित करना है तो भोगवादी संस्कृति का करना होगा त्याग : डा.कृष्णगोपाल

पर्यावरण युक्त- पॉलिथीन मुक्त महाकुंभ के लिए पर्यावरण समिति गठित, डॉ चिन्मय पंड्या बने अध्यक्ष व मनोज गर्ग महामंत्री

पर्यावरण समिति की बैठक में उपस्थित सदस्य

हरिद्वार(अमित शर्मा)। 

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में पर्यावरण समिति महाकुम्भ 2२1 को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में महाकुम्भ को पर्यावरण युक्त पलीथिन मुक्त कुम्भ मनाने पर मंथन हुआ। बैठक में कुम्भ को जीरों कार्बन फुट प्रिंट जोन बनाने हेतु विचार मंथन हुआ। इसके साथ ही पर्यावरण को लेकर बडे स्तर पर कार्य करने हेतु योजना बनी। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ शांतिकुंज, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ व हरिद्वार के प्रमुख सम्मानित व धार्मिक संगठन, एनजीआे,शैक्षणिक संस्थानों इत्यादि की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डा.कृष्णगोपाल ने कहा कि यदि हमे अपनी आने वाली पीढि$यों को सुरक्षित भविष्य देना है तो भोगवादी  सँस्कृति का त्याग करना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण हम का दयित्व है। उन्होंने पॉलीथीन को अभिश्राप बताते हुए कहा कि इस बार का कु ंभ पर्यावरण युक्त व पॉलीथीन मुक्त कुंभ हो इसके लिए सबको मिलकर प्रयास करना है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ.चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्यावरण सरंक्षण के साथ ही सभी पर्व व त्योहारों की कल्पना की गयी है। इस क्रम में कुम्भ सबसे बड$ा पर्व है। इस पर्व में पूरे भारत ही नही अपितु विदेशों से भी लोग आते है। प्राचीन समय में जिस प्रकार पृथ्वी, जल इत्यादि का सरंक्षण दिया जाता था। ठीक आज उसी प्रकार के नियोजन की आवश्यकता है। इस सन्दर्भ में इस महा कुम्भ को जीरों कार्बन फुट प्रिन्ट बनाने को लेकर डॉ$ पण्ड्या ने एक योजना सभी के सामने रखी। इस हेतु वर्तमान में चल रहे शांतिकुंज के प्रमुख अभियान आपके द्वार पहुँचा हरिद्वार को लेकर, घर-घर कुम्भ, घर-घर यज्ञ, घर-घर संस्कार की विश्वस्तरीय कार्य योजना के मूल स्वरूप को स्पष्ट किया। उनके अनुसार यह योजना 14 जनवरी से प्रभावी है। इस योजना को लेकर ही हरिद्वार में पर्यावरण सरंक्षण समिति कार्य को नई दृष्टि मिल सकती है।कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए आरएसएस पर्यावरण गतिविधि के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल आर्य ने मूल उददेश्य व अलग—अलग सोपानों की भूमिका को स्पष्ट किया। इको ब्रिक्स द्वारा पर्यावरण को पॉलीथिन मुक्त करना वन टाईम यूज प्लास्टिक को एक पानी,काल्ड ड्रिन्क की बोतल में इकटठा कर उससे पार्को, इको बाल्स आदि के लिए इस्तेमाल कर प्रयोग में लाना। प्रांत संयोजक डा. रघुवीर सिंह रावत द्वारा पूरी समिति का परिचय दिया गया एवं कार्य योजनाआें पर अपने विचार व्यक्त किये गये। समिति संयोजक महन्त स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश द्वारा सामाजिक संगठनों के कार्य प्रणाली को समझाया गया।कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के माध्यम से हुआ। अतिथियों का आभार पूर्व मेयर मनोज गर्ग ने किया। इस मौके पर पर्यावरण समिति महाकुंभ 2२1 का गठन किया। जिसमें डा.चिन्मय पण्ड्या को अध्यक्ष, मनोज गर्ग को महामंत्री नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही संत—महंतों का मार्गदर्शन मंडल बनाया गया है। समिति की विभिन्न उप समितियों में समाज के सभी वर्गाे का प्रतिनिधित्व लिया गया है। यह समितियां योजनाबद्ध तारिके से कु ंभ मेले के दौरान जनजागरुकता फैलायेगी। कार्यक्रम में पर्यावरण गतिविधि के सह संयोजक राकेश जैन, उद्योगपति यू$सी. जैन, डॉ.विनोद, डा.विजय पाल, सुयेश रावत, संजय चतुर्वेदी,रजनीकांत शुक्ला,अमित शर्मा डॉ.अरूणेश पाराशर, डॉ$ उमाकांत इंदौलिया,डॉ$ स्मिता वशिष्ठ, अश्विनी शर्मा, डॉ.असीम कुलश्रेष्ठ, प्रखर सिंह पाल, रामनाथ प्रजापति इत्यादि लोग उपस्थित थे।