बरसात से पूर्व शहरी विकास मंत्री ने की जलभराव रोकने की कवायद शुरू

जलभराव की समस्या के निस्तारण को शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों के साथ की बैठक
-दिए निर्देश पूरे शहर के ड्रेनेज सिस्टम को तेजी से सुधारा जाए, बरसात में धर्म नगरी वासियों को कोई परेशानी न हो

हरिद्वार (ब्यूरो)।

मध्य हरिद्वार व भगत सिंह चौक पर होने वाले जल भराव की समस्या के निराकरण हेतु शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने त्रिशूल अतिथि गृह में जिला प्रशासन एवं बी.एच.ई.एल के अधिकारियों के साथ बैठक की एवं बी.एच.ई.एल द्वारा बनाये जा रहे तालाबों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने बी.एच.ई.एल के अधिकारियों को निर्देश दिये कि शहर में जल भराव की समस्या के निदान हेतु बीएचईएल द्वारा पानी को रोकने के लिए जिन छः तालाबों का निर्माण किया जा रहा उनके कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों की गहराई अधिक रखी जाए ताकि उनमें जल के स्टोरेज की क्षमता अधिक अधिक हो। उन्होंने कहा कि मिट्टी के उठान में यदि कोई समस्या है तो एन.एच. से इसके उठान हेतु बातचीत की जाए। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि जल भराव की समस्या के स्थाई निदान के लिए एन.एच.आई एवं आई.आई.टी. सम्पर्क कर विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने नगर निगम को नालों एवं चैक डेम की सफाई के निर्देश दिये। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री ने बी.एच.ई.एल द्वारा बनाये जा रहे तालाबों से पानी की स्टोरेज क्षमता एवं पम्पिंग सेट की क्षमता के बारे में जानकारी ली। बी.एच.ई.एल के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इन तालाबों से 5 करोड़ लीटर पानी स्टोर करने की क्षमता होगी। अधिशासी अभियन्ता जल निगम मोहम्मद मीसम ने कहा कि एक पम्पिंग सेट की क्षमता 6 लाख लीटर प्रति घण्टा है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि राजाजी क्षेत्र में पड़ने वाले चैक डेम की सफाई या तो राजाजी पार्क के अधिकारी स्वयं करायें यदि स्वयं नहीं करना चाहते हैं तो नगर निगम को सफाई करने को मना भी नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जल भराव की समस्या के समाधान के लिए सभी सम्बन्धित विभाग विस्तृत कार्ययोजना बनाएं। शहरवासियों को जल भराव की समस्या से निजात दिलानेे के लिए शीघ्र स्थाई समाधान निकाला जाए। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक बी.एच. ई.एल संजय गुलाटी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डाॅ अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डाॅ ललित नारायण मिश्र, डी.एफ.ओ. एच.के. सिंह, नगर मजिस्ट्रेट जय भारत सिंह, एम.एन.ए. अशोक पाण्डेय, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान मनीष सेमवाल, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई डी.के.सिंह,आपदा प्रबन्धन अधिकारी मीरा कैन्तुरा, नरेश शर्मा, कामिनी सड़ाना, विकास तिवारी, बी.एच.ई.एल से एस. के. अग्रवाल, अतुल सक्सेना, राजीव भटनागर आदि उपस्थित थे।