सभी की सहभागिता से होगा जल संचयः पालीवाल

-जल संचय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया

हरिद्वार। वल्र्ड वेटलैंड के अवसर पर उत्तराखण्ड पेयजल निगम अनुरक्षण इकाई व बीइंग भगीरथ के संयुक्त तत्वावधान में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जगजीतपुर स्थित प्लांट पर आयोजित गोष्ठी में नमामी गंगे के अंतर्गत जल संरक्षण पर चर्चा करते हुए बीइंग भगीरथ के संस्थापक शिखर पालीवाल व जल निगम के परियोजना प्रबंधक राजीव जैन ने विचार रखे। शिखर पालीवाल ने कहा कि जल संरक्षण विभागों के आपसी समन्वय के चलते ही किया जा सकता है। पेयजल जल निगम के विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को अधिक से अधिक गोष्ठी जल संचय को लेकर करनी चाहिए। जल ही जीवन है। मनुष्य का जीवन जल पर निर्भर है। हमें अधिक से अधिक कोशिश करनी होगी कि जल संचय को करें। अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना होगा। परियोजना प्रबंधक राजीव जैन ने कहा कि मनुष्य को सुखी रहना है तो जल संचय अवश्य करना चाहिए। स्कूल कालेजों के छात्रों, घरेलू महिलाओं के अलावा आमजन को भी जल संचय के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। पर्यावरण को हराभरा रखना है तो जल संचय जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल को एकत्र कर जल संचय किया जा सकता है। अपने घरों में भी कम से कम पानी का इस्तेमाल करें। इस अवसर पर सीमा चैहान, मधु भाटिया, सचिन गांधी, रमा वैश्य, नीरज शर्मा, शिवम् अरोरा, सुमित कपूर व बीइंग भगीरथ आर्ट टीम ने जल शक्ति अभियान के तहत सुन्दर पेण्टिंग बनाई।