आपदा के बीच गैरसैंण में बजट सत्र कराना रहेगा चुनौतीपूर्ण

देहरादून। एक ओर उत्तराखंड के चमोली जिले में रैणी व तपोवन की त्रासदी में लापता लोगों की मलबे से और तपोवन टनल से लाशें निकल रही हैं। नदियों के किनारे शव और मानव अंग मिल रहे हैं। इसके साथ ही लापता लोगों और शवों की तलाश जारी है। पूरा प्रशासनिक अमला, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना के तीनों अंग, आईटीबीपी और पुलिस बल इस आपदा में लापता लोगों की खोजबीन में लगा है। सरकार के सामने इस त्रासदी से जूझ रहे लोगों तक राहत पहुंचाने और अस्त व्यस्त हुई व्यवस्था को ढर्रे पर लाने की चुनौती खड़ी है। ऐसे में गैरसैंण में 1 मार्च से होने वाला बजट सत्र का आयोजन भी किसी चुनौती से कम नहीं। मेजबान चमोली जिले का प्रशासनिक अमले से लेकर पूरा तंत्र जब गैरसैंण में रहेगा। तब कहीं ऐसी व्यस्तता में आपदा ग्रस्त इलाके में राहत और बचाव के कार्यों के प्रभावित होने की सम्भावना है। हालांकि मेजबान चमोली प्रशासन ने अपनी ओर से बजट सत्र के लिये अपनी ओर से पूरी तैयारी कर दी है। पर एक साथ कई चुनौतियां सरकार और प्रशासन के लिये किसी परीक्षा से कम नहीं।