सरोवर नगरी:अयारपाटा के जंगलों में फरवरी में खिला लाल बुरांश

बुरांश का फूल

नैनीताल(दीप्ति बौरा)।
मार्च, अप्रैल और मई में खिलने वाला लाल बुरांश का फूल इस बार फरवरी में खिल गया है। नैनीताल के अयारपाटा के जंगलों में लाल बुरांश खिलने लग गया है।

जिसको नैनीताल की फोटोग्राफर रत्ना साह ने अपने कैमरे में कैद किया। उन्होने बताया कि बुरांश के फूल की फोटो खिचने के लिए उनको 5 से 10 किलोमीटर ऊंचाई वाले क्षेत्र में जाना पड़ा। उन्होने बताया कि बुरांस 15 मार्च से लेकर 15 अप्रैल के मध्य तक खिलता है, लेकिन मौसम में बदलाव के चलते बुरांस समय से पहले ही खिल रहा है। तो कई लोग इसे ग्लोबल वार्मिंग का असर बता रहे हैं। जबकि कुछ लोगों का कहना है बर्फबारी और बारिश में गिरावट के चलते ये परिवर्तन देखने को मिला है। वहीं कुछ लोगों का मानना है ये बुरांस की स्वाभाविक प्रक्रिया है। राज्य में बुरांस की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, जो ऊंचाई और स्थान के हिसाब से अलग-अलग होती हैं। आमतौर पर बुरांस लाल, गुलाबी और सफेद रंग के देखने को मिलते हैं। रत्ना साह ने बताया कि लाल रंग के बुरांस का उपयोग ज्यादा किया जाता है। बुरांस में कई औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। इसका जूस और शरबत बेहतर पेय पदार्थ में शामिल है। बुरांस का जूस दिल से लेकर लिवर को स्वस्थ रखता है। जबकि, पहाड़ों में बुरांस आय का जरिया भी माना जाता है. कई लोग बुरांस के जूस बेचकर से अपनी आजीविका भी चलाते है। विशेषज्ञों की मानें तो बुरांस का जूस हृदय संबंधी बीमारियों से बचाता है, खून की कमी को दूर करता है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करता है, उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर में काफी लाभदायक होता है, लीवर संबंधी बीमारियों को दूर करता है।
फोटो और विवरण छायाकार रत्ना साह।