कुंभ स्पेशल : कल निरंजनी अखाड़ा में स्थापित होगी धर्मध्वजा

पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के संतों ने धर्म ध्वजा स्थल का किया निरीक्षण

कुंभ छावनी प्रवेश पर श्रीमहंत करेंगे धर्म ध्वजा के दर्शन-श्रीमहंत रविंद्रपुरी

अपर मेलाधिकारी को अखाड़ा के अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए कहा

हरिद्वार(विकास)। कुंभ मेले के लिए पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी में शनिवार को धर्म ध्वजा स्थापित की जाएगी। धर्म ध्वजा से पहले शुक्रवार को अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज व पंचों और मेला प्रशासन के अधिकारियों ने धर्म ध्वजा स्थल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह को अखाड़ा के अधूरे कामों को जल्द पूरा कराने के लिए कहा।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने बताया कि गुरुवार को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के रमता पंच और नागा संन्यासियों ने पहला नगर प्रवेश कर लिया था। नगर प्रवेश के साथ कुंभ का आगाज हो गया है। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी कुंभ मेले की पहली धर्म ध्वजा शनिवार को स्थापित करेगा। इसको लेकर अखाड़ा के साधु संत और मेला प्रशासन के अधिकारियों की ओर से धर्म ध्वजा स्थल का निरीक्षण किया गया। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव एवं कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि शनिवार की सुबह 8:30 बजे धर्म ध्वजा स्थापित करने का समय सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा की 52 मणियाँ होती हैं। श्रीमहंत कुंभ छावनी प्रवेश करने पर ही धर्म ध्वजा के दर्शन कर पायेंगे। आचार्य महामंडलेश्वर शामिल होंगे। अखाड़ा की परंपरा है कि धर्म ध्वजा स्थापित होने के दौरान इसमें अखाड़ा के श्रीमहंत शामिल नहीं होते हैं। निरंजनी अखाड़े में 8 श्रीमहंत हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अखाड़ा 18 मणियाँ हैं। लेकिन धर्म ध्वजा में 52 मणियों के लिए 52 बंध लगाये जाते हैं। इसमें आगे भवगा झंडा लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अखाड़ों के लिए सबसे महत्वपूर्ण धर्म ध्वजा होती है। क्योंकि धर्म ध्वजा स्थापित होने के बाद ही अखाड़ों का विधिवत कुंभ शुरू हो जाता है। धर्म ध्वजा के नीचे ही सन्यासी अखाड़ा द्वारा नागा संन्यासियों को अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर की ओर से संन्यास की दीक्षा दी जाती है। उन्होंने बताया कि धर्म ध्वजा 52 फुट की होती है और इसे सुरक्षित कैसे स्थापित किया जाए, इसको लेकर मेला प्रशासन के अधिकारियों को भी बुलाया गया है। अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने कहा कि का आज शनिवार को पहली धर्म ध्वजा निरंजनी अखाड़ा की स्थापित की जाएगी। अखाड़े की ओर से मेला प्रशासन से जेसीबी की मांग की गई है। साथ ही धर्म ध्वजा स्थापित करते वक्त कोई दुर्घटना न हो इसको लेकर अखाड़े के साधु संतों की ओर से व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। मेला प्रशासन द्वारा सभी प्रकार की व्यवस्था की जा रही है। इस अवसर पर श्रीमहंत राम रतन गिरी, श्रीमहंत ओमकार गिरी, श्रीमहंत दिनेश गिरी, श्री हरगोविंद पुरी, केशव पुरी, श्रीमहंत मनीष भारती, श्रीमहंत राधेगिरी, श्रीमहंत नरेश गिरी, आनंद अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत शंकरानंद सरस्वती, दिगंबर राकेश गिरी, नीलकंठ गिरी, आनंद गिरि, गंगा गिरि, सुखदेव पुरी, राजेंद्र भारती, बलवीर पुरी, राजेंद्र गिरी, उमेश गिरी, मुख्तियार रघुवन, रतन गिरी आदि उपस्थित रहे।