जानिए : GST के बारे में क्या राय रखते है आम व्यापारी

वरिष्ठ व्यापारी नेता केलाश केशवानी की नजर में GST

मैं न तो एकाउंट्स का जानकार हूँ न टैक्सेशन का फिर भी मुझे जो GST के बारे में थोड़ा बहुत समझ आया है वो शेयर कर रहा हूँ, उम्मीद है कुछ लोगों को इससे टेंशन में राहत मिलेगी

1. छोटे व्यापारी (उत्तराखण्ड )जिनकी साल भर की टर्नओवर 10 लाख रु से कम है, (वैट में यह सीमा 5 लाख थी )उनको न GST में रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत है और न कोई रिटर्न भरने की (अगर वो सिर्फ अपने राज्य से ही खरीद और बिक्री करते हैं)

2. मध्यम दर्जे के व्यापारी जिनकी साल भर की टर्नओवर 75 लाख रु तक है और वो इनपुट क्रेडिट का लाभ नहीं लेना चाहते हैं सिर्फ 1% टैक्स जमा करें और चैन की नींद सोएं. हर 3 महीने में रिटर्न भरें पहले की तरह।(सिर्फ राज्य में ही ख़रीद बिक्री कर सकते है )

3. बड़े व्यापारी जिनकी सालाना टर्नओवर 75 लाख रु से ज्यादा है उनको हर महीने रिटर्न भरनी है (पहले भी भरनी पड़ती थी). वो रिटर्न 3 हिस्सों में भरनी है न कि 3 रिटर्न भरनी हैं जैसा कि बताया जा रहा है।

– १. पिछले महीने की सारी बिक्री की डिटेल 10 तारीख तक देनी है।
– २. पिछले महीने की खरीद की डिटेल 15 तारीख तक verify करनी है।
– ३. अगर कोई टैक्स की देनदारी बनती है, जो कि खरीद और बिक्री के आंकड़े के आधार पर खुद ही निकल आएगी, तो वो टैक्स 20 तारीख तक जमा करना है।

-४.ऐसा कोइ भी व्यापारी जो किसी भी प्रकार की समाधान योजना (composit skim )का लाभ लेता है वो अपने ग्राहक से कोइ tax नही वसूल सकता है और न ही अपने दिए हुए कर का लाभ ले सकता है
५ -अगर आप अभी तक करमुक्त वस्तुओ का व्यापार करते थे और अब उस वस्तु पर कर आरोपित हो गया है और आपकी वार्षिक बिक्री 10 लाख से ऊपर है तो आपको GST में पंजीयन लेना ही होगा

सुझाव – अगर आप GST में नया पंजीयन करा रहे है तो आप अपनी प्राथमिकताए check कर ले।