महंगी पड़ी शौचालय निमार्ण की झूठी वाह-वाही

लक्सर(नीरज शर्मा)।

गांव को शौचालय मुक्त करने का दावा का झूठी प्रशंसा लूटना डुमनपुरी गांव के ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत सचिव को महंगा पड़ गया।एक ग्रामीण की शिकायत पर जांच करने पहुंचे डीपीआरओ ने गांव में शौचालय का निर्माण होते पाया तथा ग्रामीण भी खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होते मिले।इस पर डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण तलब किया है। तथा वही ग्राम प्रधान ग्राम व पंचायत सचिव के कार्य पर भी ग्रामीणों उंगलियां उठा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार खानपुर विकास खंड के डुमनमनपुरी निवासी एवं ग्राम प्रधान रवि पाल सैनी ने गांव में शौचालय निर्माण के लिए जिला मुख्यालय पर प्रस्ताव भेजा था। बाद में गांव में प्रस्ताव के आधार पर 416 शौचालय के निर्माण को स्वीकृति मिल गई थी।इसके लिए जिले से बजट भी जारी कर दिया गया था। बताया जाता है कि पिछले दिनों ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव ने गांव को शौचालय मुक्त होने का दावा करते हुए पिछले दिनों निर्माण कार्य पूरा दिखा दिया था तथा इतना ही नहीं गांव के शौचालय में खो जाने पर जिला मुख्यालय द्वारा ग्राम प्रधान को गांव को शौचालय मुक्त कर दिया जाने के एवज में जिले से पुस्कार भी दिया गया था। लेकिन बताया जाता है कि उसके बाद गांव के ही रामधन नामक ग्रामीण ने डीपीआरओ रमेश चंद त्रिपाठी को गांव में हो रहे शौचालय निर्माण में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव द्वारा भारी अनियमितताएं तथा धांधली बरतें जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। ग्रामीण की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ रमेश चंद त्रिपाठी ने विभागीय अधिकारी कर्मचारियों के साथ शुक्रवार को डुमनपुरी गांव पहुंचकर शौचालयों के निर्माण का निरीक्षण किया तो निरक्षण के दौरान गांव में शौचालयों का निर्माण होना पाया गया। तथा इतना ही नहीं गांव में निरीक्षण करने पहुंचे डीपीआरओ को ग्रामीणों ने बताया कि अभी अधिकांश ग्रामीणों के शौचालय निर्माण नहीं हो सके हैं।जिसके चलते वह बरसात के मौसम में खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इस पर डीपीआरओ ने कड़ी नाराजगी प्रकट की।तथा उन्होंने ग्राम प्रधान ग्राम व पंचायत सचिव से इस बाबत स्पष्टीकरण तलब किया है।तथा वही निर्माण कार्य को पूरा दिखाना तथा विभागीय अधिकारियों को गुमराह कर झूठी प्रशंसा लूटने के मामले ग्राम पंचायत सचिव से भी स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।उधर ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव के कार्य पर भी उंगलियां उठ रही है।