महाभारत के इस योद्धा से भगवान श्री कृष्ण जी भी हो गए थे भयभीत एक ही तीर में जितवा देता युद्ध

लक्सर।(नीरज शर्मा रणखंडी)।

जब भी महाभारत की बात होती है तो पांडव और कौरवों मे अनेक योद्धाओं के पराक्रम और शौर्य की गाथाओं की चर्चा होती है जैसे भीम, कर्ण, अर्जुन और दुर्योधन की, लेकिन शायद आप नहीं जानते कि इन सभी महा बलशालियों के अलावा एक और योद्धा था जो इन सभी से ज्यादा शक्तिशाली और साहसी था। इतना ही नहीं उसने पूरा महाभारत के युद्ध को अपने कटे हुए सिर से देखा था।
प्रसिद्ध ज्योतिषचार्य पंडित संदीप भारद्वाज शात्री का कहना है कि महाभारत के अनुसार इस योद्धा का नाम था बर्बरीक, जिसके पास एक ऐसा बाण था जिससे वह तीनों लोकों पर विजय प्राप्त करने की क्षमता थी। बर्बरीक घटोत्कच का पुत्र था जिसने अपनी माता से युद्ध की सारी कलाएं सीखी थी। दरअसल बर्बरीक ने भगवान शिव की घोर तपस्या की थी जिससे प्रसन्न होकर शिव ने तीन अमोघ तीर दिए थे।बर्बरीक भी महाभारत के युद्ध में भाग लेना चाहता था,लेकिन उसकी मां ने एक शर्त रखी थी कि कौरव और पांडवों में से जो भी हार रहा होगा बर्बरीक उसकी तरफ से लड़े भगवान कृष्ण यह बात जान चुके थे कि बर्बरीक बहुत शक्तिशाली है और अपने सिर्फ एक बाण से महाभारत के युद्ध की कायापलट कर सकता हैं क्योंकि उस समय कौरवों की सेना पांडवो की सेना से हार रही थी।कृष्ण ने ब्राह्राण का वेश धारण करके बर्बरीक से युद्ध में जाने से पहले उसका सिर मांगा तब बर्बरीक भगवान कृष्ण को पहचानते हुए अपना सिर काटने को तैयार हो गया। बर्बरीक अपना सिर काटने को तैयार तो गया लेकिन उसने एक शर्त भी रखी की वह पूरा महाभारत का युद्ध अपने आंखो से देखना चाहता है और भगवान के विराट रूप के दर्शन भी करना है। कृष्ण ने बर्बरीक की शर्त मान ली और उसके कटे सिर को ऐसी पहाड़ी पर रख दिया जहां से वह महाभारत का पूरा युद्ध देख सकता था।