हरिद्वार के सिटी मजिस्ट्रेट पर लगा 25 हजार का जुर्माना

-सूचना का अधिकार के तहत सूचना न देने का मामला

हरिद्वार के नगर मजिस्ट्रेट पर जुर्माना
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हरिद्वार (प्रशांत शास्त्री)।

आम आदमी का ब्रह्मास्त्र कहे जाने वाला सूचना का अधिकार कानून भले ही 2005से देश भर मे लागू हो गया हो परंतु इसे लेकर आज भी अधिकारी कितने लापरवाह है इसका सबसे ताजा उदाहरण हरिद्वार के नगर मजिस्ट्रेट जय भारत सिंह में प्रस्तुत किया है जिसमें जिलाधिकारी हरिद्वार की ओर से लोक सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी संभालने वाली विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी संगीता कनोजिया ने भी उनका पूरा सहयोग किया है जिसके बाद उत्तराखंड सूचना आयोग ने दोनों अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई तथा सिटी मजिस्ट्रेट जय भारत सिंह पर 25000हजार रूपये का जुर्माना लगाया।

  1. दि संडे पोस्ट के हरिव्दार संवाददाता अजीतपुर निवासी अरूण कश्यप ने जब तत्कालीन मुख्य मंत्री हरीश रावत के होने वाले हरिव्दार के दौरो की सूचना चाही तो उन्होने जिलाधिकारी हरिद्वार के कार्यालय से उनके दौरे संबंधी सूचनाऐ 14 /10/2016 को मांगी पर डीएम कार्यालय में लोक सूचना अधिकारी पद पर तैनात विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी संगीता कनौजिया ने इस आवेदन पत्र को 17/10/2017 को प्रोटोकॉल अधिकारी सीटी मजिस्ट्रेट ,हरिव्दार को आंतरित कर दिया परंतु प्रथम अपील की सुनवाई के बाद भी जब अरूण कश्यप को सूचनाऐ नही मिली तो उन्होने सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया पहली की सुनवाई पर राज्य सूचना आयुक्त सूरेंद्र सिंह रावत ने पूरे मामले को समझकर कर सीटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह तथा संगीता कनौजिया को जमकर लताडा तथा उनसे इस बाबत स्पष्टीकरण मांग लिया कि जब सूचना जिलाधिकारी कार्यालय मे उपलब्ध थी तो सूचना उपलब्ध क्यो नही करवाई गयीं। सिटी मजिस्ट्रेट ने जो आयोग को जबाब दिया आयोग उससे आसंतुस्ट होते हुए आयोग के सूचना आयुक्त सुरेन्द्र सिंह रावत ने 18 मई 2017 वाद का निष्ठरण करते हुए जहा सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह पर 25000 रुपए का जुर्माना लाया वही जिलाधिकारी हरिद्वार को आनुशासत्मक कार्यवाही करने के आदेश भी दिए।