ननद-भाभी के बीच क्यों होता है मनमुटाव शिव पार्वती से जुड़ा है रहस्य ?

 लक्सर  (नीरज शर्मा रणखंडी)।

भगवान शिव की पत्नी और उनके बच्चों के बारें में सभी जानते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि शिवजी की एक बहन भी थीं। कैसे भगवान शिव की बहन की उत्पति हुई और माता पार्वती और भगवान शिव की बहन के बीच किस तरह का रिश्ता था आइए जानते हैं।
प्रसिद्ध ज्योतिषचार्य पंडित संदीप भारद्वाज शात्री व देवबंद बाला सुंदरी सिद्ध पीठ के महंत संतेन्द्र शर्मा बताते है कि पौराणिक कथा के अनुसार जब माता पार्वती, भगवान शिव से विवाह कर कैलाश पर्वत पर आईं, तब वे कई बार उदास और अकेला महसूस करती थीं। तब भगवान शिव ने पार्वती जी से उदासी का कारण पूछा तो माता पार्वती ने उनसे कहा कि उन्हें एक ननद चाहिए। भोलेनाथ ने अपनी माया से एक स्त्री असावरी देवी को उत्पन्न किया। वह स्त्री बहुत मोटी और भद्दी थी, उनके पैर भी फटे हुए थे।देवी पार्वती ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें स्वादिष्ट भोजन उनके सामने परोस दिया। तो असावरी देवी सारा भोजन चट कर गईं। इस बीच असावरी देवी को शरारत सूझी, उन्होंने देवी पार्वती को अपने फटे पांव की दरारों में छिपा लिया, जहां उनका दम घुटने लगा। जब भगवान भोलेनाथ वापस आए तो अपनी पत्नी को ना पाकर बहुत चिंतित हुए। उन्होंने असावरी देवी से पूछा तो उन्होनें पैरों की दरारों से उन्हें आजाद कर दिया।आजाद होते ही माता पार्वती ने कहा कि भोलेनाथ, कृपा कर ननद को अपने ससुराल भेज दें। तभी से ननद और भाभी के बीच नोक-झोक का सिलसिला आज तक चला आ रहा है।