सावन में भूलकर भी न करें यह दस काम भगवान भोलेनाथ होते हैं नाराज?

 

ज्योतिषाचार्य पण्डित सन्दीप शास्त्री

हरिद्वार (डॉक्टर नीरज शर्मा रणखंडी)।

आज से भगवान शिव का सबसे मनपंसद महीना सावन शुरू हो रहा है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन का महीना सबसे बढ़िया माना जाता है। इस माह में विधि पूर्वक शिवजी की आराधना करने से, मनुष्य को शुभ फल भी प्राप्त होते हैं। शास्त्रों के मुताबिक इस माह में भगवान विष्णु पाताल लोक में रहते हैं और संसार के पालनहार के रूप में शिव जी ही कार्य करते हैं। सावन के महीने में कुछ काम नहीं करना चाहिए।

प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित संदीप भारद्वाज शास्त्री का कहना है कि शिव कृपा पाने के लिए पूरे महीने सात्विक भोजन करना चाहिेए इस कारण सावन के महीने में मांस,मदिरा,प्याज और लहसुन का सेवन बंद कर देना चाहिए। सावन के महीने में इन सबके सेवन को पाप माना जाता है।धर्म शास्त्रों में मान्यता है कि सावन में हरी सब्जी का त्याग कर देने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।लेकिन सावन में साग में पित्त बढ़ाने वाले तत्व की मात्रा बढ़ जाती है। यही कारण है कि सावन में साग खाना वर्जित माना गया है। साथ ही कीट-पतंगों की संख्या बढ़ जाती है जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं।
सावन में शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए। शिवलिंग पुरुष तत्व से संबंधित है और ये शिवजी का प्रतीक है। इस कारण शिवलिंग पर नहीं, बल्कि जलाधारी पर हल्दी चढ़ानी चाहिए।सावन में संभव हो तो दूध का सेवन न करें। यही बात बताने के लिए सावन में शिव जी का दूध से अभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई। वैज्ञानिक मत के अनुसार इन दिनों दूध पित्त बढ़ाने का काम करता है।सावन में बैंगन को खाना उत्तम नहीं माना गया है। इसका धार्मिक कारण यह है कि बैंगन को शास्त्रों में अशुद्ध कहा गया है। वैज्ञानिक कारण यह है कि सावन में बैंगन में कीड़े अधिक लगते हैं। ऐसे में बैंगन का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सावन में बैंगन खाने की मनाही है।सावन के महीने में किसी भी प्रकार के बुरे विचार से बचना चाहिए। अन्यथा शिवजी की पूजा में मन नहीं लग पाएगा। सावन के महीने में इस बात का ध्यान रखें कि बुजुर्ग व्यक्ति, गुरु, भाई-बहन, जीवन साथी, माता-पिता, मित्र और ज्ञानी लोगों का अपमान न करें।इस महीने में अगर घर के दरवाजे पर सांड या गाय आ आए तो उसे मार कर भगाने की बजाय कुछ खाने को दें। सांड को मारना श‌िव की सवारी नंदी का अपमान माना जाता है।