एयर इंडिया में इकोनॉमी क्लास के यात्रियों को अब नहीं मिलेगा नॉन-वेज खाना

नई दिल्ली( ब्यूरो)।

सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया ने फैसला लिया है कि अब वो 90 मिनट या उससे कम वक्त की हवाई यात्रा के दौरान इकोनॉमी क्लास के पैसेंजर्स को नॉन-वेज खाना नहीं परोसेगी. माना जा रहा है कि एयर इंडिया ने ये फैसला अपने खर्च को कम करने के लिए लिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अश्विनी लोहानी ने कहा, “हमने डोमेस्टिक फ्लाइट की इकोनॉमी क्लास में सिर्फ वेजेटेरियन खाना परोसने का फैसला किया है.”

बिजनेस और एक्जीक्यूटिव क्लास में मिलता रहेगा नॉन-वेज खाना

आपको बता दें कि एयर इंडिया बिजनेस और एक्जीक्यूटिव क्लास में पहले के जैसे ही नॉन-वेज खाना परोसता रहेगा. यही नहीं 90 मिनट से ज्यादा की दूरी वाली फ्लाइट में इकोनॉमी क्लास के पैसेंजर्स को भी नॉन-वेज खाना खाने का मौका मिलता रहेगा।

पहले भी किया था बदलाव

एयर इंडिया हवाई सफर के दौरान मिलने वाले खाने-पीने की चीजों में पहली बार बदलाव नहीं कर रहा है. इससे पहले पिछले साल भी एयर इंडिया ने इकोनॉमी क्लास में 61 से 90 मिनट तक की दूरी वाली फ्लाइट्स में कॉफी और चाय देना बंद कर दिया था. कम दूरी वाली फ्लाइट्स में एयर इंडिया अपने पैसेंजर्स को वेज रिफ्रेशमेंट के साथ-साथ वेज और नॉन-वेज-सैंडविच दिया करता था, लेकिन अब उसमें भी नॉव-वेज का विकल्प खत्म कर दिया गया है।

खाने की बर्बादी रोकने के लिए लिया गया फैसला

एयर इंडिया का कहना है कि कई पैसेंजर्स फ्लाइट में ही अपने खाने की पसंद बताते हैं, जिससे नॉन-वेज खाने की काफी बर्बादी होती है. इसके अलावा एयर इंडिया में पिछले दिनों शांघाई-दिल्ली-मुंबई की फ्लाइट में गलती से कुछ वेजेटेरियन पैसेंजर्स को नॉन-वेज खाना परोस दिया गया था. माना जा रहा है कि नॉन-वेज बंद करने के पीछे एक वजह ये भी हो सकती है।

एयर इंडिया के एक आला अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस डॉट कॉम से कहा, “ये फैसला पिछले साल दिसंबर में ही ले लिया गया था. लेकिन इसे लागू अब किया जा रहा है.” आपको बता दें कि एयर इंडिया भारी घाटे से जूझ रहा है. कंपनी 50 हजार करोड़ के घाटे में चल रही है, जिसको कम करने के लिए केंद्र सरकार अब एयर इंडिया में निजी निवेश भी करने पर विचार कर रही है।