इस वर्ष भी कावड़ियों की परीक्षा लेगा धनौरी-भगवानपुर मार्ग

हरिद्वार/ धनौरी(हर्ष सैनी)

कावड़ यात्रा शुरू हो चुकी है, और जल लेकर कावड़ियों का लौटना भी शुरू हो गया है!
लेकिन इस वर्ष भी धनौरी भगवानपुर मार्ग कावड़ियों की परीक्षा लेगा,पिछले वर्ष की भाँति इस वर्ष भी प्रशासन द्वारा कावड़ियों के लिए कोई भी बिजली ,पानी आदि की सुविधा नही दी जायेगी, जल लेकर हरियाणा,पंजाब की और लौटने वाले कावड़ियों के लिए इस बार फिर भारी परेशानियो का सामना करना पड़ेगा,
धनौरी भगवानपुर मार्ग कावड़ियों की कावड़ यात्रा के दौरान एक बार फिर परीक्षा लेगा!
गौरतलब है कि हरिद्वार से जल लेकर लौटने वाले कावड़ियों को प्रशासन हर वर्ष कावड़ पटरी मार्ग से निकालता है,कावड़ पटरी मार्ग पर प्रशासन ज्वालापुर से लेकर नारसन तक तो कावड़ियों को बिजली ,पानी आदि की सुविधा देता है,बल्कि कावड़ मेले के लिए पिछले वर्ष से बजट भी आवंटित होता है,लेकिन कावड़ पटरी मार्ग पर धनौरी से कटकर भगवानपुर,सहारनपुर, हरियाणा,पंजाब की और जाने वाले मार्ग पर प्रशासन कोई भी सुविधा कावड़ियों को उपलब्ध नही कराता है, ऐसा नही है कि धनौरी तिरछे पुल से हरियाणा ,पंजाब,हिमाचल की और जाने वाले कावड़ियों की संख्या कम भी नही है,बल्कि लाखो की संख्या मे कावड़िये धनौरी भगवानपुर मार्ग का प्रयोग अपने गंतव्य की और जाने मे करते है!
प्रदेश की सीमा तक तकरीबन 18किलोमीटर लंबे मार्ग पर कावड़ियों की सुविधा के लिए ना तो बिजली का इंतेजाम हैं न ही पानी,व स्वास्थव सेवाओ की सुविधा की समुचित व्यवस्था!प्रकाश पथ की भी पूर्ण व्यवस्था न होने से कावड़िये अपनी यात्रा अँधेरे मे करने को मजबूर होते है! क्षेत्र वासी एव घाड़ क्षेत्र संघर्ष समिति के सयोंजक सुभाष सैनी ,नक्लीराम सैनी,युवा विकास कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष युवराज अंकित सैनी ने बताया कि पिछले वर्ष भी प्रशासन ने इस मार्ग पर सुविधा देने को लेकर पल्ला झाड़ लिया था,प्रशासन को कावड़ पटरी पर इंतेजामत की तरह ही धनौरी भगवानपुर मार्ग पर भी कावड़ियों के लिए सुविधा देनी चाहिए।