सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी का बड़ा बयान- गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी

नई दिल्ली(व्यूरो समाचार)।

मानसून सत्र से एक दिन पहले सरकार की बुलाई सर्वदलीय बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “देश में गोरक्षा को लेकर भावना है लेकिन गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। गोमाता की रक्षा होनी चाहिए लेकिन उसके लिए कानून है. कानून हाथ में लेकर निजी दुश्मनी के कारण अपराध करे तो उस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए.”

राष्ट्रपति चुनाव पर भी बोले प्रधानमंत्री मोदी
केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी दलों को धन्ययवाद दिया है। अगर चुनाव के लिए आम सहमति होती तो अच्छा होता लेकिन राष्ट्रपति चुनाव के लिए जो चुनाव अभियान रहा वो बहुत ही गरिमामय रहा। कल वोटिंग होनी है लेकिन अभी तक कोई भी कटु बयान नहीं आया। इसके लिए प्रधानमंत्री ने सभी दलों को बधाई दी। कल होने वाली वोटिंग के लिए प्रधानमंत्री ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि सभी अपने मताधिकार का प्रयोग सही ढंग से करें।

जीएसटी के लिए सभी दलों को धन्यवाद दिया
अनंत कुमार ने बताया कि प्रधानमंतंत्री ने बताया कि जीएसटी से जुड़े विधायके सभी दलों में पारित होना चाहिए। जीएसटी काउंसिल के सभी कार्याकलाप सुचारु ढंग से हुआ औऱ जीएसटी लॉन्च हो गया। इसके लिए सभी प्रधानमंत्री ने सबको बधाई दी। प्रधानमंत्री ने इसे लोकतंत्र की ताकत बताया।

भ्रष्टाचार पर पीएम मोदी की जोरी टॉलरेंस पॉलिसी
अनंत कुमार ने बताया कि पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक में भ्रष्टाचार पर भी निशाना साधा है। पीएम मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जो लड़ाई शुरू हुई है इससे राजनीतिक दलों की साख पर भी सवाल खड़ा हुआ है। सभी को मिलकर काम करना होगा। भ्रष्टाचार करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाइए। पीएम मोदी के इस बयान को तेजस्वी यादव और लालू यादव पर निशाने के तौरह पर माना जा रहा है।

क्यों बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक?
सभी दलों से संसद की कार्यवाही शांतिपूर्वक ढंग से चलाने पर बातचीत करने के लिए सरकार ने यह बैठक बुलाई थी. हालांकि विपक्ष सरकार की मंशा पूरी होने देगा इस पर शक है. विपक्ष अमरनाथ आतंकी हमले, कश्मीर मुद्दा और चीन के साथ सीमा विवाद पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त और रक्षा मंत्री अरुण जेटली भी एक सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर चीन और जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर जानकारी दे चुके हैं।