नोट बंद होने से ईएमआई घट सकती है: अरुंधति भट्टाचार्य

मोदी सरकार के नोटबंदी का सबसे बड़ा फायदा होम लोन चुकाने वालों को हो सकता है। जल्द ही उनकी ईएमआई में बढ़ी कटौती हो सकती है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक मोदी सरकार की ओर से नोटबंदी किए जाने के बाद बैंकों में कैश में बड़ा इजाफा हुआ है। इसके चलते आने वाले महीनों में लोन की ब्याज दरों में कमी की उम्मीद है । 500 और 1000 के नोटबंद होने से अभी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड रहा है , लेकिन आम लोगों को इसका लाभ मिलेगा। नोट बंद होने से ईएमआई घट सकती है। अर्थात लोन की ब्याज दरें कम हो सकती है।

एक समाचार चैनल की रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई की चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा है कि 500-1000 के नोट बंद होने से ईएमआई घट सकती हैं। अरुंधति भट्टाचार्य ने एक न्यूज चैनल को बताया कि 9 नवंबर से 12 तक एसबीआई में 1 लाख करोड रुपये का ट्रांजेक्शन हो चुका है और इसमें से 80 हजार करोड रुपये डिपॉजिट हैं। और बाकी कैश निकाला गया है या एक्सचेंज किया जा चुका है। हालांकि उन्होनें कहा कि फिलहाल बैंकों की वयस्तता के चलते पूरी रकम का सही आकलन अभी तक नहीं किया जा सका है। अरुंधति का कहना है कि गांवों के मुकाबले शहरों में कैश ज्यादा डिपॉजिट हुआ है। साथ ही मोबाइल ट्रांजेक्शन में 140 फीसदी की बढोत्तरी आई है।

अरुंधति ने न्यूज चैनल को बताया कि क्रेडिट पॉलिसी में आरबीआई द्वारा नीतिगत दरें कम होने की पूरी उम्मीद है क्योंकि नोटबंदी से बैंकिंग सिस्टम में बहुत कैश आ चुका है। इस स्थिति में जब बैंकों के पास ज्यादा कैश होगा तो वे अपनी ब्याज दरें कम कर पाएंगे , साथ ही नोटबंदी से कालेधन पर भी रोक लगेगी इससे रिएल एस्टेट पर असर पडेगा। जमीनें और मकान आम लागों की पहुंच में आ जाएंगे क्योंकी रिएल एस्टेट की कीमतें घट जाएंगी। बैंकों से सस्ती ब्याज दरों पर लोन मिलेगा और आम आदमी का खुद का घर का सपना साकार हो पाएगा।

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