बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह, नीतीश कुमार ने सेना, वायुसेना की मदद मांगी

पटना (ब्यूरो)।

बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह बनी हुई है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ से प्रभावित हजारों लोगों के राहत और बचाव के लिए सेना और भारतीय वायुसेना की मदद मांगी है। आज बिहार सीएम नीतीश कुमार ने एक सरकारी कार्यक्रम में कहा, “बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह है। राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और हमने प्रभावित लोगों को बचाने और लोगों के बीच राहत सामग्री बांटने के लिए सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद मांगी है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से अनुरोध किया है कि प्रभावित लोगों के राहत और बचाव के लिए केंद्र से हर संभव मदद मुहैया कराएं। उन्होंने कहा, “दोनों ने मदद का आश्वासन दिया है.” राज्य में सीमांचल और कोशी इलाके के लगभग आधा दर्जन जिले पिछले तीन दिनों के दौरान हुई भारी बारिश के कारण बुरी तरह प्रभावित हैं। बिहार में सभी प्रमुख नदियां नेपाल और बिहार में अपने जलागम क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद से उफान पर हैं। किशनगंज में बाढ़ से हालात खस्ता बिहार की राजधानी पटना से 275 किलोमीटर दूर किशनगंज में महानंदा नदी उफान पर है. बाढ़ से दस लाख लोग प्रभावित हैं। यहां बाढ़ से लोगों के घरों में पानी घुस गया है और नदी पुल के ऊपर से बह रही है।लोगों का घर-बार, खेत-खलिहान, रास्ते पर खड़ी कार सबकुछ पानी में डूब नजर आ रहा है। कमर भर पानी में डूबे हुए लोग जिंदगी बचाने की जुगाड़ में जुटे हुए हैं. बताया जा रहा है कि अब तक बाढ़ के पानी में डूबने से 10 लोगों की मौत हो चुकी है. जिले में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है. महानंदा नदी में आई दरार से बाढ़ के पानी में सैकड़ों गांव डूब गए हैं. शहर में नदी बह रही है. हाइवे भी नदी के पानी में डूब गया है. हजारों लोग गांव से पलायन कर गए हैं. लोग जान हथेली में लेकर बाढ़ के पानी में डूबे घरों के सामान बचाने में जुटे हैं. खेत-खलिहान सब कुछ बर्बाद हो गया है. बाढ़ के पानी में भगवान का मंदिर भी डूब गया है. बिहार के किशनगंज, पूर्णियां, अररिया, कटिहार और सुपौल में बाढ़ के कहर को देखते हुए बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है. पीएम मोदी ने एनडीआरएफ की टीम और सेना के साथ हेलिकॉप्टर भेजने का भरोसा दिया है अधिकारियों ने कहा कि सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिसके कारण हजारों की संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं. आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को सतर्क कर दिया है, और बाढ़ प्रभावित किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, पश्चिम चंपारण, सहरसा, और सुपौल जिलों में निवासियों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय में जानकार सूत्रों ने कहा कि पटना के दानापुर छावनी से बिहार रेजीमेंट के 80 सैन्यकर्मी लोगों को बचाने के लिए रविवार शाम किशनगंज और अररिया पहुंच गए. सूत्रों ने कहा, “नीतीश कुमार ने केंद्र से राष्ट्रीय आपदा राहत कोष की 10 अतिरिक्त टीमें भी प्रभावित जिलों के लिए मांगी है.” एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात राज्य सरकार ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें इन जिलों में पहले से तैनात कर रखी है. आपदा प्रबंधन विभाग ने निचले इलाकों में रह रहे लोगों को ऊंचाई वाले स्थानों पर चले जाने को कहा है. राजधानी पहुंच रहीं खबरों में कहा गया है कि सुपौल, सहरसा, बाघा, गोपालगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी, खगड़िया, दरभंगा और मधेपुरा जिलों में गांवों में पानी घुसने के बाद सैकड़ों लोग अपने घरों को छोड़कर चले गए हैं. जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “राज्य में और नेपाल के जलागम क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सभी नदियां उफान पर हैं, जिसके कारण इन गांवों में पानी घुस गया है.” अररिया और किशनगंज में कई रेलवे स्टेशन बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिसके कारण कई सारे यात्री फंस गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, करोड़ों रुपयों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और कई स्थानों के लिए जाने वाले मार्ग कट गए हैं। पिछले 24 घंटों में भारी बारिश रिकॉर्ड वहीं पिछले 24 घंटों का हाल देखें तो बिहार में मानसून के जोरदार रहने के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के साथ उत्तर बिहार और दक्षिण—पूर्वी इलाके में अधिकांश स्थानों पर मध्यम वर्षा और दक्षिण—पश्चिम और दक्षिण मध्य में हल्की से मध्यम बारिश रिकार्ड की गई है। पटना स्थित मौसम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार में मानसून के जोरदार रहने के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के साथ उत्तर बिहार और दक्षिण—पूर्वी इलाके में अधिकांश स्थानों पर मध्यम वर्षा और दक्षिण—पश्चिम और दक्षिण मध्य में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान सुपौल जिले के बीरपुर, में 45 सेंटीमीटर, पश्चिमी चंपारण जिले के गौनाहा और बगहा में 37—37 सेमी, किशनगंज जिला के बहादुरगंज में 36 सेमी, पश्चिम चंपारण जिला के रामनगर में 35 सेमी, किशनगंज शहर में 29 सेमी, किशनगंज के तैयबपुर में 26 सेमी, दरभंगा शहर में 25 सेमी, पूर्णिया जिला के ढेंघराघाट में 24 सेमी, किशनगंज जिला के ठाकुरगंज में 23 सेमी, अररिया जिला के फारबिसगंज में 22 सेमी, किशनगंज जिले के गलगलिया में 21 सेमी और मधुबनी जिला सौलीघाट में 18 सेमी बारिश रिकार्ड की गयी । पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया में बाढ़ का हाल पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया जिलों में कल सुबह 8.30 बजे से आज सुबह 8.30 बजे तक क्रमश: 8.2 मिलीमीटर, नाममात्र, 9.5 मिलीमीटर और 150.8 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गयी. पटना, भागलपुर और पूर्णिया जिलों में आज सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक 0.9 मिलीमीटर और 19.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया में आज अधिकतम तापमान क्रमश: 29.5, 31.7, 30.5 और 29.5 डिग्री सेल्यिस और न्यूनतम तापमान क्रमश: 26.2, 26.3, 24.3 और 24.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अगले 24 घंटे के मौसम पूर्वानुमान में पटना और गया आमतौर तौर पर बादल छाए रहने के साथ थोड़ी वर्षा अथवा गरज के साथ छींटे पड़ने, भागलपुर में आमतौर पर बादल छाए रहने के साथ भारी बारिश और पूर्णिया में आम तौर पर बादल छाए रहने के साथ लगातार बारिश की संभावना जतायी गयी है।