हरिद्वार।
तीर्थनगरी में कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों श्रद्धालुओं ने पहुंच कर गंगा में स्नान कर पुण्य का लाभ कमाया। पुलिस प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्था के लिए पूरे मेला क्षेत्र को ग्यारह जोन छत्तीस सेक्टर में बांटा गया था। भारी संख्या में वाहनों के तीर्थनगरी में पहुंचने पर यातायात व्यवस्था चरमराई। जाम खुलवाने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर मंगलवार से ही तीर्थयात्रियों का हरिद्वार आने का क्रम शुरू हो गया था। बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही हरकी पौड़ी समेत अन्य गंगा घाटों पर स्नान करने वालों की भीड़ नजर आ रही थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया गंगा घाट श्रद्धालुओं से खचाखच भर गए। हरकी पौड़ी पर पुलिस प्रशासन स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को गंगा में डुबकी लगाकर तत्काल गंगा से बाहर निकालने की अपील करता रहा । तीर्थयात्रियों ने गंगा स्नान कर मंदिरों में दान कर पुण्य का लाभ कमाया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ललतारो पुल से भीमगोडा तक किसी भी तरह का वाहन का प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंध था । अपर रोड भीमगोडा रोड में पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी थी एक दूसरे का आगे खिसकने का इंतजार करना पड़ रहा था । हरकी पौड़ी समेत अन्य गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ का नजारा भी कुछ इस तरह ही था की गंगा की धारा के साथ जनधारा नजर आ रही थी । पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई प्लानिंग भले ही कंट्रोल करने में सफल नजर आई पर बढ़ती वाहनों की संख्या ने यातायात व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं को जाम में फंसकर लंबा इंतजार करना पड़ा। ऋषिकुल से पंतद्वीप पार्किंग राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से वाहनों की लंबी कतारों से पटा रहा । यातायात पुलिस कर्मियों को जाम को खुलवाने के लिए पसीना बहाना पड़ा मगर जाम से निजात नहीं मिल पाई । बाहर से आने वाले वाहनों के लिए पुलिस की ओर से निर्धारित पार्किंग स्थल बनाए गए थे। पार्किंग स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग से एक ही लाइन पर सटे होने के कारण वाहनों को निकलने में काफी कठिनाई झेलनी पड़ी । कार्तिक पूर्णिमा का स्नान ब्रह्ममुहूर्त से शुरू होकर देर शाम तक चलता रहा। पुलिस प्रशासन का अनुमान है कि करीब 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। गंगा स्नान के लिए हरकी पौड़ी के अलावा उत्तरी हरिद्वार में बनाए गए गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिला।




