ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में विभिन्न देशों के पर्यटकों ने रविवार को योग और अध्यात्मिक गतिविधियों में शिरकत की। इस दौरन विदेशी पर्यटकों को विंटर टूरिज्म के लिए प्रेरित किया गया। रविवार को परमार्थ निकेतन में इटली, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्ज़रलैंड, जर्मनी, फ्रांस, कनाडा एवं अमेरिका से पर्यटक पहुंचे। उन्होंने परमार्थ निकेतन में यज्ञ, योग, ध्यान, माँ गंगा कीआरती तथा सत्संग आदि गतिविधियों में शिरकत की। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने विदेशी पर्यटकों को विंटर टूरिज्म के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड, सिर्फ हिमालय की गोद में बसा एक भौगोलिक प्रदेश नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक दिव्यता और प्राकृतिक सौंदर्य का जीवंत प्रतीक है। आज जब विश्व लगातार शांति, संतुलन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की ओर बढ़ रहा है, उत्तराखंड अपनी दिव्यता, भव्यता और विशिष्ट आध्यात्मिक पहचान के साथ विश्व के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहा है। इसी धरोहर को आगे बढ़ाते हुए परमार्थ निकेतन विंटर टूरिज्म, विजन, इंस्पिरेशन टूरिज्म, एनलाइटन्मेंट और रीजुवनेशन टूरिज्म के नए आयामों के लिये विदेश से आने वाले पर्यटकों को प्रेरित कर रहा है। उन्होंने विदेशी पर्यटकों से उत्तराखंड के पावन तीर्थ स्थलों एवं मनोहारी वादियों का दर्शन करने, यहां की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक अनुभव करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने पर्यटकों को पंच प्रयाग, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग और विष्णुप्रयाग, नदी संगमों के साथ ही यहां के तीर्थ स्थलों की जानकारी दी।
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