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यात्रा से पहले तीथेयात्रियों के स्वास्थ्य पर जोर

-यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को कई प्रदेश में किया जा रहा जागरूक
देहरादून। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए विभाग ने देश के विभिन्न राज्यों में हेल्थ अलर्ट अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले ही जरूरी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना और संभावित जोखिमों को कम करना है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में विशेष रूप से उन दिक्कतों को लेकर जागरूक किया जा रहा है, जो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सामने आती हैं। इनमें सांस लेने में तकलीफ, ऑक्सीजन की कमी, थकान, ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी समस्याएं और अचानक मौसम बदलने से होने वाली परेशानियां शामिल हैं। विभाग का मानना है कि यदि यात्री पहले से स्वास्थ्य जांच करा लें और जरूरी सावधानियों का पालन करें, तो यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकती है।
सरकार ने इस बार अंतरराज्यीय समन्वय पर भी विशेष ध्यान दिया है। जिन राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आते हैं, वहां स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राजस्थान में प्रशासनिक और चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा से जुड़ी स्वास्थ्य गाइडलाइन साझा की। बैठक में यह तय किया गया कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले लोगों तक यात्रा शुरू होने से पहले ही सभी जरूरी स्वास्थ्य सलाह पहुंचाई जाएगी।
इस अभियान को केवल शहरों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि गांवों और दूरदराज के इलाकों तक भी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य कर्मियों और जनप्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी, ताकि हर उस व्यक्ति तक जानकारी पहुंचे जो यात्रा की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपना पूरा स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। खासकर बुजुर्ग, हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोग डॉक्टर की सलाह के बाद ही यात्रा करें। साथ ही यात्रा के दौरान सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें। सरकार का मानना है कि समय रहते जागरूकता और तैयारी से न केवल यात्रा को सुरक्षित बनाया जा सकता है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति से भी बचा जा सकता है।

 

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